पूर्व विधायक नूर सलीम राना ने वारंट रिकॉल कराए
मुजफ्फरनगर। छह साल पहले कवाल कांड को लेकर शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में पूर्व विधायक नूरसलीम राना ने कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल कराए। इस मामले में आरोप तय होने के लिए 10 जनवरी की तारीख निर्धारित है।
कवाल कांड को लेकर छह साल पहले 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर की सभा हुई थी, जिसमें राजनेता भी शामिल हुए थे। जिले में दंगा भड़कने पर इस सभा का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज किया गया, जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं पूर्व सांसद सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद के अलावा असद जमा एडवोकेट, सुल्तान मुशीर एडवोकेट, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज हुआ था। भड़काऊ भाषण के मामले में शासन से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। अदालत ने एक मार्च 2019 को उक्त आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर सभी के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे, तभी से ये वारंट लगातार जारी है। इस मामले की सुनवाई एडीजे- चार कोर्ट में चल रही है, जिसमें आरोप तय करने के लिए 10 जनवरी की तारीख लगी है। बृहस्पतिवार को पूर्व बसपा विधायक नूर सलीम राना ने कोर्ट मेें पेश होकर वारंट रिकॉल कराए। कोर्ट ने उन्हें निजी मुचलकों पर रिहा किया। अभी तक इस मामले में असद जमा एडवोकेट, पूर्व सांसद कादिर राना, सुल्तान मुशीर, मुशर्रफ कुरैशी, नौशाद कुरैशी भी अदालत में पेश होकर वारंट रिकॉल करा चुके हैं।
अख्तर हत्याकांड में विवेचक की गवाही
मुजफ्फरनगर। तेेेरह साल पहले लुहारी खुर्द में हुए अख्तर हत्याकांड में दूसरे विवेचक विशेष जांच प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर रहे मगेंद्रपाल सिंह की बृहस्पतिवार को कोर्ट में गवाही हुई। कोर्ट ने भी उसे तलब किया था। उसने अपने बयान में इस हत्याकांड में चरथावल पुलिस की विवेचना का गलत और नामजदगी को फर्जी बताया। 20 अगस्त 2006 को लुहारी खुर्द निवासी अख्तर की हत्या हुई थी। पुलिस ने गांव के ही 18 लोगों को नामजद किया तथा 17 के खिलाफ चार्जशीट दी थी, तभी से यह मामला अदालत में चल रहा है।