- प्रशासन ने देर रात दी मीडिया को जानकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नामांकन पत्रों की जांच में प्रशासन ने 38 में से 27 नामांकन निरस्त कर दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की मौजूदगी में हुई स्क्रूटनी में इन प्रत्याशियों के नामांकन में कमियां पाई गई। नामांकन निरस्त होने पर कई प्रत्याशियों ने नामांकन कक्ष के बाहर ही हंगामा किया और चुनाव आयोग को शिकायत की। चरथावल विधायक पंकज मलिक और उनकी पत्नी पायल मलिक का नामांकन भी निरस्त हो गया है।
बृहस्पतिवार को कचहरी स्थित नामांकन कक्ष में सुबह 11 बजे से जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी का कार्य शुरू हुआ। देर शाम तक चली जांच प्रक्रिया में 27 प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। अब केवल 11 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। इनमें भाजपा के डॉ संजीव बालियान, सपा के हरेंद्र मलिक, बसपा के दारा सिंह प्रजापति, राष्ट्रवादी जन लोक सेवक पार्टी सत्य की कविता पुंडीर, जय समता पार्टी के नील कुमार, विशाल जनता पार्टी के बीरबल सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी प्रेमपुरी के अंकुर, कायस्थवाडा के मनुज वर्मा, गऊशाला की रेशू शर्मा, कृष्णापुरी के शशीकांत शमार, सोहजनी तगान के सुनील त्यागी का नामांकन सही पाया गया।
इनके नामांकन हुए निरस्त
प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए गए उनमें विधायक पंकज मलिक, नरेंद्र कुमार, शाह आलम, सतीश, मानवेंद्र, आस मोहम्मद, सैय्यद अब्बास, आदिल, मनोज सैनी, चंद्रवीर, लियाकत, सतीश कुमार, हंस कुमार, रणधावा, अंकित, मौहम्मदपुर रायसिंह के सुशील, इमरान अली, शमीम, शेरखान, चांद समद के निर्मल प्रताप सिंह, पायल मलिक, गौतम आनंद, प्रदीप कुमार, चरण सिंह, राज किशोर गर्ग, ओमपाल सिंह व नंदकिशोर पुंडीर शामिल है।
धरने पर बैठा प्रत्याशी, प्रशासन पर लगाए आरोप
शिवसेना से प्रत्याशी मनोज सैनी के नामांकन पत्र में भी जांच कमेटी को कमी मिली तो पर्चा निरस्त कर दिया गया। इस पर मनोज सैनी ने नामांकन कक्ष के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी कमी उनको सहायक रिटर्निंग ऑफिसर ने बताई थी, अपने अधिवक्ता के साथ उसको पूरा करा दिया गया था। इसके बावजूद भी पर्चा निरस्त किया गया है। चुनाव आयोग को हमने अधिकारियों की शिकायत कर दी है। निर्दलीय प्रत्याशी डॉ गौतम आनंद का भी पर्चा त्रुटियों के कारण निरस्त करने की घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी ने की तो नामांकन कक्ष के बाहर उन्होंने भारी हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान गौतम वहीं धरने पर बैठ गये। पुलिस ने उन्हें खींचकर धरने से उठाने का प्रयास किया तो धक्कामुक्की भी शुरू हो गई। उनको जबरदस्ती नामांकन कक्ष परिसर से बाहर कर दिया गया। गौतम का कहना था कि उनके द्वारा तीन बार बुलाये जाने पर नामांकन पत्र में कमियों को ठीक कराया, लेकिन एक साजिश के तहत पर्चा निरस्त किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि हम केवल उन्हीं प्रत्याशियों की वजह की जानकारी देंगे जिनके नामांकन निरस्त नहीं हुए हैं।