एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगने से दिवाली फीकी हो गई है। इस बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी धुआं नहीं, ध्वनि प्रदूषण की जांच करेगा। वायु प्रदूषण के लिए आई मशीनों को जिले में लगाने के लिए जगह नहीं मिल सकी है। इसके चलते मशीनों को लगाने में अभी समय लगेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इससे पटाखा व्यापारियों के साथ लोगों में भी दिवाली का उत्साह फीका पड़ गया है। पटाखों की बिक्री पूरी तरह से शहर में बंद कर दी गई है। पुलिस प्रशासन की टीम सिविल वर्दी में बाजार में घूमकर निगाह रखे हुए हैं। इस बार शहर में पटाखों का धुआं नहीं दिखाई देगा। विभिन्न बाजार के करीब 150 से अधिक पटाखा व्यापारियों को प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है, जिसके चलते इस दिवाली पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी राहत मिली है।
बोर्ड को लखनऊ से दो वायु प्रदूषण नापने के लिए मशीनें मिली हैं, जिन्हें दिवाली से पहले शहर में स्थापित करना था। अब पटाखों की बिक्री पर रोक के कारण बोर्ड को राहत मिली है। इस बार दिवाली पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धुआं नहीं, ध्वनि प्रदूषण नापेगा। शामली रोड, शिवचौक, अस्पताल तिराहा, गांधी कॉलोनी, जानसठ रोड, महावीर चौक आदि स्थानों पर सेंसर के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण की जांच होगी। अवर अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए टीम बनाई गई है, जो दिवाली से पहले और दिवाली के बाद ध्वनि प्रदूषण की जांच-पड़ताल करेगा।
24 को तय होगा 14 इंडस्ट्रियों का भाग्य
जनपद में धंधेड़ा-भंडूरा गांव के नाले में प्रदूषित जल छोड़ने वाली 14 इंडस्ट्रियों के भाग्य का फैसला 24 अक्तूबर को होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी ओर से रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे 24 को एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि नौ इंडस्ट्रियों पर एनजीटी पूर्व में ही जुर्माने की कार्रवाई कर चुका है।
कूकड़ा निवासी अश्वनी कुमार की शिकायत के बाद एनजीटी ने धंधेड़ा और भंडूरा नाले में प्रदूषित जल छोड़ने के मामले पर सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नाले में पानी छोड़ने वाली सभी इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट मांगी थी। इस पर क्षेत्रीय अफसरों ने 33 में 19 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत की थी।
इस पर कार्रवाई करते हुए एनजीटी ने नौ इंडस्ट्रियों पर 95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, जबकि बाकी 14 इंडस्ट्रियों की क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से 24 अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगी थी। इसको लेकर अधिकारियों ने जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट को बोर्ड 24 अक्तूबर को एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। उसके बाद एनजीटी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद इंडस्ट्रियों के भाग्य का फैसला करेगी। अवर अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि अभी जांच-पड़ताल चल रही है। रिपोर्ट 24 अक्टूबर को एनजीटी में दी जाएगी। इस पर कार्य चल रहा है।