नहरों-रजबहों में पानी नहीं, किसान परेशान
मुजफ्फरनगर। जनपद में नहरें, रजबहे और माइनर बीते डेढ़ माह से सूखे पड़े हैं। जिले के 88 रजबहे और माइनरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसान परेशान हैं। उनकी रबी की गेहूं, सरसों आदि फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। गेहूं के लिए पलेवा और कोर इस वक्त बहुत जरूरी है। ऐसे में रजबहों और माइनरों में पानी आने के इंतजार में किसान टकटकी लगाए हैं। सबसे अधिक वो किसान परेशान हैं, जो रजबहे की सिंचाई पर ही निर्भर हैं। कुछ किसान मजबूरन अन्य संसाधनों से सिंचाई कर रहे हैं। क्योंकि गेहूं, सरसों और बरसीम की फसल की सिंचाई जरूरी है।
एक सप्ताह पहले आना था पानी
मुजफ्फरनगर। प्रति वर्ष दशहरा से लेकर दीपावली तक एक माह के लिए गंगनहर को बंद किया जाता है, ताकि नहरों, रजबहे और माइनरों की सफाई की जा सके। 15 अक्तूबर से नहर बंद रही ।14 नवंबर को गंगनहर में पानी छोड़ा गया था। डिमांड के अनुसार एक सप्ताह पहले जिले के रजबहों और माइनरों को चलाया जाना था, मगर ऐसा नहीं हुआ।
रबी की फसल में 42 हजार हेक्टेयर भूमि की होती है सिंचाई
मुजफ्फरनगर। जनपद में गंगनहर से निकलने वाली नहरों, रजबहों और माइनरों की संख्या 88 है। रोस्टर के अनुसार इनसे रबी की फसल में करीब 42 हजार हेक्टेयर और खरीफ की फसल के लिए गर्मी में करीब 74 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।
गंगनहर में 5500 क्यूसेक पानी छोड़ा
मुजफ्फरनगर। गंग नहर में पानी की क्षमता 13 हजार क्यूसेक की है। सर्दी में औसतन आठ से 10 हजार क्यूसेक पानी डिमांड के अनुसार चलता है। बीते दस दिनों से गंग नहर में 4500 क्यूसेक पानी चल रहा था। रविवार को हरिद्वार मेें गंगा में 18500 क्यूसेक पानी एकत्र हुआ, तो मायापुर रेग्यूलेटर से 1000 हजार क्यूसेक पानी और गंग नहर में छोड़ा गया। अब 5500 क्यूसेक पानी गंग नहर में आएगा।
किसानों पर दोहरी मार
- भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। जरूरतमंद किसानों ने डीजल का प्रबंध कर पहले गेहूं बुवाई करनी पड़ी।
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समय से नहीं हुई गेहूं की बुवाई
- बिरालसी के किसान अमरीश पुंडीर ने बताया कि कल्लरपुर नहर में पानी न आने से गेहूं की फसल की बुवाई भी समय से नहीं हो पाई है।
परेशानी झेल रहा किसान
-बघरा ब्लाक के गांव नसीरपुर के किसान तरसपाल का कहना है जब किसानों को पानी की जरूरत थी, नहरों में तब पानी नहीं मिला। खासकर नहर और रजबहे से जुड़े किसान ज्यादा परेशान हैं।
फसलें सूख रही है
--महाबलीपुर के किसान एवं समिति संचालक वेदप्रकाश त्यागी कहते है कि कुल्हेड़ी, चरथावल, महाबलीपुर, दहचन्द, घिस्सुखेड़ा, कुटेसरा आदि कई दर्जन गांवों में नहर और रजबहों के पानी पर फसलें निर्भर है। करीब डेढ़ महीने से पानी नहीं मिलने से फसल सूख रही है।
तीन दिसंबर से रजबहों में पानी छोड़ा जाएगा
सफाई के बाद जनपद में नहरों और रजबहों का मुआयना अधीक्षण अभियंता ने कर लिया है। शासन के निर्देश के अनुपालन में नहर, रजबहे और माइनरों की सफाई के बाद पानी चालू करने के निर्देश थे। जिले का सफाई कार्य पूरा हो चुका है। अभी तक गंगनहर में भी पानी कम आ रहा था। अब रोस्टर तैयार हो गया है। गंग नहर में पानी की क्षमता भी बढ़वाई गई है। तीन दिसंबर को करीब 60 रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ दिया जाएगा।
- हरी शर्मा
अधिशासी अभियंता
मुजफ्फरनगर खंड गंगा नहर
मुजफ्फरनगर
डेढ माह से पानी नहीं आने से सूखी पड़ी बिरालसी नहर।- फोटो : MUZAFFARNAGAR