तापमान बढ़ने के साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में बिजली व्यवस्था दम तोड़ रही है। सरवट के प्राथमिक विद्यालय में बत्ती गुल होने से बच्चे गर्मी से बिलबिला गए हैं। मजबूर बच्चों ने किताबों को ही पंखा बना लिया। दरअसल, यहां एक ही कैंपस में दो विद्यालय संचालित है। एक में बिजली आ रही है, दूसरे में गुल है। इससे बच्चे गर्मी में पढ़ाई करने को विवश हैं।
दिन प्रतिदिन तापमान बढ़ रहा है। पंखे की हवा भी गर्म महसूस होने लगी है। ऐसे में बिजली व्यवस्था गड़बड़ा जाए तो क्या होगा। सरवट के प्राथमिक विद्यालय में इन दिनों बत्ती गुल है। जिसके चलते बच्चे गर्मी में बिलबिला गए हैं। छत के पंखे बंद पड़े हैं, कमरों में तपिश के कारण बच्चे पसीने से लथपथ हो रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि बच्चों को पढ़ाने वाले गुरुजी भी गर्मी की मार नहीं झेल पा रहे हैं। विवश बच्चों ने अपनी किताबों को ही पंखा बना लिया। स्कूल में पंखे बंद होने की शिकायत बच्चों ने अभिभावकों से की तो मामले की पोल खुली।
यहां पर एक कैंपस में दो विद्यालय संचालित है। जिनमें कंपोजिट विद्यालय में विद्युत कनेक्शन लगा है, जबकि प्राथमिक विद्यालय को इससे ही विद्युत सप्लाई होती है। ताज्जुब यह है कि पिछले चार दिन से प्राथमिक विद्यालय में लाइट नहीं है। शिक्षकों ने इस बाबत कोई प्रयास नहीं किए हैं। इससे बच्चे गर्मी में परेशान हैं।
200 बच्चे पंजीकृत, आते हैं 150
मुजफ्फरनगर। प्राथमिक विद्यालय में सरवट क्षेत्र के करीब 200 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें रोजाना करीब 100 से 150 के बीच बच्चों की उपस्थिति दर्ज होती है। विद्यालय में पांच कमरे बने हैं, जिनमें दो-दो पंखों की व्यवस्था है।
विस चुनाव में लगे थे कनेक्शन
मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव के दौरान जनपद के सभी विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन लगवाए गए थे। उसके बाद विभाग ने विद्यालयों में बिजली व्यवस्था की जानकारी नहीं ली है। जनपद में करीब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 1200 से अधिक विद्यालय हैं।
विद्यालय परिसर में दो स्कूल संचालित हैं। प्राथमिक के स्थान पर दूसरे विद्यालय में कनेक्शन लगा है। लाइट क्यों कटी है, इसकी जानकारी नहीं है। दूसरे विद्यालय के स्टॉफ से इस बारे में बातचीत कर समस्या हल की जाएगी। - मुकुल गोयल, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सरवट।
एक ही परिसर में दो विद्यालय संचालित हैं। यदि एक में बिजली नहीं आ रही है तो यह गंभीर है। एबीएसए को भेजकर मामले की तहकीकात की जाएगी। गड़बड़ी है या फिर जानबूझ कर ऐसा किया गया है तो कार्रवाई होगी। - चंद्रकेश यादव, बीएसए, मुजफ्फरनगर।