फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: फोटोकॉपी को साक्ष्य मानने को लेकर फैसला नहीं हुआ

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की गायब मूल पत्रावलियों की फोटोकॉपी को साक्ष्य मानने को लेकर सुनवाई पर फैसला नहीं हो सका। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए तीन दिसंबर नियत की है।
विज्ञापन

सीबीआई बनाम राधा मोहन की पत्रावली में सुनवाई चल रही है। मूल दस्तावेज गुम होने की स्थिति में फोटोकॉपी को साक्ष्य मानने को लेकर अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे है। सीबीआई की ओर से साक्ष्य सूची भी दी गई थी। फोटोकॉपी पर सुनवाई को लेकर सोमवार को निर्णय नहीं हो सका। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या नौ ने अगली सुनवाई के लिए तीन दिसंबर नियत की थी। जबकि मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही सीबीआई बनाम बृज किशोर और सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा की पत्रावली में पांच दिसंबर सुनवाई के लिए नियत है।
यह था मामला

एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें