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अखबार से नहीं होता कारोना

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आईएमए अध्यक्ष डॉ रविंद्र जैन। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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अखबार से नहीं होता कारोना
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मुजफ्फरनगर। कोरोना के डर से अखबार से दूरी न बनाएं, क्योंकि अखबार से कोरोना फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद यदि कोई डर है तो अखबार पढ़ने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह सैनिटाइज कर लें।
इन्होंने कहा...
पोरस (सोखने वाले कागज) पर कोरोना फैलने के चांस बेहद कम होते हैं। क्योंकि इस तरह के कागज पर वायरस बहुत जल्दी नष्ट हो जाते हैं। इसके बावजूद यदि सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है तो अखबार पढ़ने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धो लें या 70 प्रतिशत सैनिटाइजर से हाथों को सैनिटाइज कर सकते हैं।
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- डा. वीके जौहरी, एआरटी प्रभारी, जिला अस्पताल।
अभी तक इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें अखबार कोरोना फैलने का कारण बना हो। मैं खुद रोजाना अखबार पड़ता हूं। देश-दुनिया की सही जानकारी हासिल करने का अखबार ही सशक्त माध्यम है। इसलिए डरने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद कोई संदेह है तो अखबार को सैनिटाइज कर सकते हैं। या अखबार पढ़ने से पहले और बाद में अपने हाथों को सैनिटाइज कर लें।
- डा. रविंद्र जैन, अध्यक्ष, आईएमए, मुजफ्फरनगर।

डा. वीके जौहरी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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