मोरना। मां अपने नवजात शिशु को कड़ाके की ठंड में ठिठुरते हुए मरने के लिए छोड़ गई। किसान के खेत में कपड़े में लिपटे शिशु के मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शिशु की परवरिश को लेकर गांव में विवाद खड़ा हो गया। ग्राम प्रधान ने सर्वसमाज की पंचायत बुलाकर शिशु की परवरिश का मामला सुलझाने की बात कही है।
ककरौली में तेवड़ा चौराहे वाले मार्ग पर विद्युत ट्रांसफार्मर के निकट किसान के खेत में अलसुबह ग्रामीण हरबीरा पुत्र रतिराम को आम के पेड़ के नीचे कपड़े में लिपटा नवजात शिशु मिला। हरबीरा शिशु को उठाकर ले आया और अपनी पत्नी मुकेश को लाकर दे दिया। शिशु के मिलने की बात फैलने पर महिला ने भयभीत होकर मोहल्ले के शफीक अंसारी को सौंप दिया।
शफीक की भाभी आमना पत्नी दिलशाद ने खुशी-खुशी शिशु को कबूल कर लिया। आमना के परिवार में पहले से दो बेटी हैं। शिशु के मिलने की खबर धीरे-धीरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। ग्राम प्रधान प्रकाश चंद्रवीर के आवास पर शिशु की परवरिश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। खेत मालिक अजीत सिंह और दलित महिला मुकेश भी अब शिशु पर अपना पहला हक जताकर उसकी परवरिश करना चाहते हैं।
परवरिश को लेकर गांव में विवाद खड़ा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी।