मुजफ्फरनगर। सांसद वरुण गांधी ने कहा कि देश की राजनीति और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले युवाओं को राजनीति में आना चाहिए। जब नई सोच के युवा राजनीति में आएंगे तो राजनीति की गंदगी अपने आप दूर हो जाएगी। अंधकार में प्रकाश का दीया जलाने का प्रयास होना चाहिए। आर्थिक तंगी से जूझ रहे देश के किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए बिना ब्याज का ऋण मिले। माल्या जैसे 12 डिफाल्टरों की सीबीआई जांच जरूरी है।
श्रीराम कॉलेज में एक नए भारत की सोच विषय पर आयोजित गोष्ठी में गांधी ने नौजवानों से राजनीति में एंट्री करने की अपील की। कहा कि नेताओं को गाली देने से कुछ नहीं होगा, व्यवस्था बदलने के लिए खुद आगे आना होगा। जनता भी युवाओं को ही पसंद कर रही है। व्यवस्था को लेकर हम अंधकार की बात करते हैं। व्यवस्था सुधर जाएगी, प्रकाश का दीया जलाने की आवश्यकता है। वरुण ने देश में किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बांदा क्षेत्र से 56 हजार किसान पलायन कर चुके हैं। 25 प्रतिशत लोगों को केवल एक समय भोजन मिलता है। देश के 18 प्रतिशत किसान खेती छोड़ चुके हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान आत्महत्या करते हैं। प्रदेश में ऐसे दो-तीन हजार किसानों को एक-एक लाख रुपये देने की योजना है। किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण दिया जाना चाहिए। किसानों को खेती में आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का सहारा लेना होगा। उन्होंने कहा कि देश में अच्छे लोगों की कमी नहीं केवल शुरुआत हमें करनी है। जाति-धर्म से ऊपर उठकर हमें समाज और राष्ट्र के विकास के बारे में सोचना है। देश में वैचारिक क्रांति की आवश्यकता है। रोड चौड़े हो रहे हैं, हमारे दिल भी चौड़े होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में 20 बड़े उद्योगपति हैं, इनमें से 12 डिफाल्टर हैं। इन सबकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। आरडी इंडिया गलाइकॉल्स लिमिटेड नोएडा के अध्यक्ष आरके खंडल ने वरुण को यूथ आईकॉन बताया। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि समाज में भाईचारा तब तक नहीं होगा जब तक हम गलत को गलत नहीं कहेंगे। हिंदू का लड़का गलती करे तो हिंदू उससे निपटें, अगर मुसलमान का लड़का गलती करे तो मुसलमान उससे निपटें।
चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्तीजुल्फिकार, केजी अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, निशांक जैन, समर्थ प्रकाश, पंडित जयकुमार शर्मा, लवी अग्रवाल, एनजी मजूमदार, डॉ बीके त्यागी, संकल्प, डॉ एमएस तोमर, डॉ आदित्य गौतम, प्रेरणा मित्तल रहे।
पढ़तेे वक्त नौकरी की
मुजफ्फरनगर। लंदन पढ़ाई के दौरान हर छुट्टी में घर आना चाहता था। मां (मेनका गांधी) ने कहा कि बेटा हमारी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है। लंदन में खाली टाइम में कुछ काम करो। मैने लंदन में टेलीग्राफ अखबार में काम किया। वकालत भी की, एक कंपनी में भी कुछ दिन के लिए काम किया। हमें काम करने से हिचकना नहीं चाहिए।
मुझे फूल पसंद नहीं
मुजफ्फरनगर। वरुण गांधी ने कहा कि उन्हें स्वागत में फूल पसंद नहीं हैं। फूल तो निर्जीव है। अतिथियों से पौधा लगवाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। पौधा भी फलदार हो तो अच्छा है। यहां आम, अमरूद, जामुन के पौधे लगते हैं।