राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कानून के पूर्णत लागू न होने पर खेद जताया गया। अभी तक पात्र गरीबों के राशन कार्ड नहीं बनने को चिंता का विषय बताया। जन कल्याण उपभोक्ता समिति ने कानून का पूरी तरह पालन कराने की मांग को लेकर 10 जुलाई से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की।
एसडी कॉलेज के सभागार में आयोजित सेमिनार में देश के पूर्व रक्षा सचिव डॉ योगेंद्र नारायण माथुर ने कहा कि मातृ दिवस बड़ी संख्या में अपने अधिकारों के लिए महिलाओं का एकत्र होना सुखद संकेत है। जनहित से जुडे़ मद्दों पर सामाजिक संगठनों और शासकीय अधिकारियों के मिल जुलकर कार्य करना चाहिए।
अनिल चमड़िया ने कहा कि यह खेदजनक है कि भारतीय संविधान की मौजूदगी के बाद भी गरीबों की रोटी और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए अलग से कानून बनाने की आवश्यकता महसूस हुई। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वह अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे।
सामाजिक कार्यकर्ता रामधीरज ने कहा कि जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रयास करना चाहिए। इसके लिए अदालतों का दरवाजा भी क्यों न खटखटाना पड़े। ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की जयंती बहन, मेजर हिमांशु ने भी विचार रखे। जन कल्याण उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष मनेश गुप्ता ने कहा कि कानून बनने और सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने के बाद भी पात्र गरीबों के राशन कार्ड नहीं बने हैं।
अपात्रों के राशन कार्ड बनाकर गरीबों के राशन की कालाबाजारी की जा रही है। निगरानी अधिकारी का जिले में न होकर मंडल स्तर पर होना कानून की अवहेलना है। गरीबों को उनके राशन कार्ड बनाकर नहीं दिए गए तो उनका संगठन 10 जुलाई से आंदोलन शुरु कर देगा। डीएसओ मदन यादव ने भी विचार रखे। अध्यक्षता सोमांश प्रकाश ने की। त्रिलोकचंद गुप्ता, बबित किंगर, संजय कुमार, विजयवती, अतरी, सायरा बेगम, रुबी, सविता, जोगेंद्री, संतोष, शरबती आदि का सहयोग रहा।