मुजफ्फरनगर। सिसौली कस्बे के चार युवकों ने भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश और प्रवक्ता राकेश टिकैत पर तालाब कब्जाने का आरोप लगाया है। चकबंदी रुकवाने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सरकार से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई।
रविवार को रुड़की रोड स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में राहुल मुखिया, देवेंद्र बालियान, कपिल बालियान और सुभाष बालियान ने कहा कि कस्बे के 13 तालाब अवैध कब्जा कर आवासीय बना दिए गए हैं। 1961 से चकबंदी की प्रक्रिया लंबित है, लेकिन टिकैत बंधु चकबंदी नहीं होने दे रहे हैं।
तालाब पर कब्जा कर अपना कार्यालय और घेर बना लिया है। 12 बीघे के तालाब को गांव के ही परिवार को बेच दिया। आरोप है कि एक व्यक्ति ने तालाब पर कब्जा किया, लेकिन नरेश और राकेश टिकैत ने उस व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होने दी। युवाओं ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी।
आरोप बेबुनियाद, प्रशासन निष्पक्ष जांच करें : टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस-प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने का अधिकार है। चकबंदी सरकार की प्रक्रिया है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।