उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट और ठेलियों पर उनके स्वामियों के नाम लिखने निर्देश दिए थे, जो सराहनीय है।
कहा कि जो लोग हिंदू नाम से प्रतिष्ठान चलाते हैं तो उन्हें अपना धर्म बदलकर हिंदू बन जाना चाहिए। यह लोग अपनी पहचान क्यों छिपा रहे हैं। सही नाम अपने प्रतिष्ठान पर क्यों अंकित नहीं किए जाते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बोटी-बोटी का बयान देने वाले सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को इस मामले में बोलने का कोई हक नहीं है, जो काम 70 सालों से नहीं हुए उन्हें भाजपा सरकार ने पूरा किया है।
उन्होंने नगीना सांसद और आसपा प्रमुख चंद्रशेखर के बयान पर भी निशाना साधा। कांवड़ यात्रा को बंद करने की बात करने वाले चंद्रशेखर को इस मामले में बोलने कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच चल रही विवाद की चर्चाओं को लेकर कहा कि जहां चार बर्तन होंगे वहां तो आवाज आएगी ही। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।