तहसील अधिकारियों से वार्ता करते भाकियू जिला अध्यक्ष।
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खतौली तहसीलदार अमित कुमार ने रेलवे विभाग द्वारा किसानों की जो भूमि अधिग्रहित की थी। उस भूमि से खसरा खतौनी में किसानों का नाम काटे जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
तहसील के सभागार में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत व किसानों की रेलवे के प्रोजेक्ट मैनेजर एके गोयल से घंटों समझौता वार्ता चली। वार्ता में तहसीलदार अमित कुमार भी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष का कहना था कि जिन किसानों की रेलवे विभाग ने भूमि अधिग्रहित की थी।
उन किसानों को मुआवजा धनराशि देते समय शपथ पत्र पर धोखाधड़ी करके कब्जा करने के लिए हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। जबकि किसानों को अभी तक पूरा मुआवजा भी नहीं मिला है। इस तरह से लिखवाना गैर कानूनी है और किसानों को धोखे में रखा जा रहा है। किसान अब कतई कब्जा देने वाले शपथ पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। जिन किसानों से हस्ताक्षर करा लिए गए हैं। उनको भी रद्द किया जाए। इसके अलावा तहसील में खसरा खतौनी में से भी किसानों की जमीन से नाम कटवाए जा रहे हैं।
तहसीलदार ने फिलहाल किसानों के खसरा खतौनी से नाम काटे जाने पर रोक लगा दी है। तहसीलदार ने प्रोजेक्ट मैनेजर को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि वे अपने अधिकारियों से बातचीत किसानों की समस्या का समाधान कराएं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। किसान मिलकर अब भूमि अध्यापित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराएंगे।