नमामि गंगे की टीम ने अंतवाड़ा में नागिन नदी के उद्गम स्थल का किया निरीक्षण
खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव अंतवाड़ा से निकल रही नागिन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए नदी में जल्द ही 30 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिसके साथ ही नदी को सुरक्षित रखने के अन्य उपाय भी किए जाएंगे। नमामि गंगे की टीम ने मंगलवार को गांव अंतवाड़ा में नागिन नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण कर इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देेश दिए।
नीर फाउंडेशन के आग्रह पर नमामि गंगे की एक तकनीकी टीम ने गांव अंतवाड़ा में नागिन नदी के उद्गम स्थल का निरीक्षण किया। टीम में शामिल छोटी नदियों के विशेषज्ञ हरीश महावर, जैव-विविधता विशेषज्ञ हरचरण सिंह व भूजल विशेषज्ञ आलोक श्रीवास्तव नागिन नदी के उद्गम स्थल अंतवाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने एडीओ पंचायत योगेश्वर दत्त त्यागी व सचिव विजय शेखर से नदी के मानचित्र सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान जैव-विविधता विशेषज्ञ हरचरण सिंह ने कहा कि नदी के उद्गम स्थल की खोदाई में स्वच्छ पानी निकल रहा है, जो काफी अच्छी स्थिति है। उन्होंने उद्गम स्थल की खोदाई के लिए नीर फाउंडेशन के साथ ही ग्रामीणों की भी सराहना करते हुए नदी के किनारे पौधरोपण करने और मिट्टी की ढांग टूटकर नदी में गिरने से रोकने के लिए स्लैब डाले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही नदी को पुनर्जीवित करने के लिए इसमें जल्द ही 30 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इस दौरान एआर कोऑपरेटिव रत्नाकर सिंह, ग्राम प्रधान दिग्विजय सिंह, रकम सिंह, मनोज, बाबूराम, राजवीर सिंह एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
अंतवाड़ा से निकलकर मेरठ में प्रवेश करती है नदी
खतौली। नागिन नदी गांव अंतवाड़ा से निकलकर जनपद के विभिन्न गांवों से होकर मेरठ में प्रवेश कर आगे की यात्रा करती है। ग्राम विकास अधिकारी विजय शेखर ने बताया कि अंतवाड़ा से निकलकर नागिन नदी गांव पलड़ी, रसूलपुर कलौरा, खोखनी, नंगला रूद्र, जावन, जसौला, सिकंदरपुर कलां और कढ़ली होते हुए जनपद मेरठ में प्रवेश करती है।