मोरना में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को लेकर शुक्रताल के गंगा घाट पर नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान बालियान ने कहा कि तीर्थनगरी में गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता रहेगा। शुक्रताल की यह प्रमुख मांग है, इसके लिए एक हफ्ते में पायलट प्रोजेक्ट तैयार होगा।
जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की ओर से नमामि गंगे के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ के मौके पर डॉ संजीव बालियान ने कहा कि अगर अपनी संस्कृति को जीवित रखना है तो गंगा के अस्तित्व को बचाने की जंग के लिए हमें आगे आना होगा। शुक्रताल गंगा घाट को देश के सबसे सुंदर घाट बनाया जाएगा।
तीर्थनगरी शुक्रताल में मुख्य गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता में है। इसके लिए एक सप्ताह में पायलट प्रोजेक्ट का प्लान तैयार किया जाएगा। गंगा की मुख्य धारा आने पर पर्यटक स्वयं आने लगेंगे। गंगा के साथ-साथ काली नदी, सोलानी नदी, हिंडन नदी का सफाई कार्य किया जाएगा। गंगा खादर में गंगा की जमीन पर किसी भी सूरत में अवैध कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे।
किसी किसान का उत्पीड़न नहीं होगा। मंत्री डॉ बालियान ने कहा कि देश में नमामि गंगे परियोजना के तहत 25 हजार 325 गंगा घाटों को खूबसूरत बनाने को लेकर विशाल प्रोजेक्ट्स पर कार्य आरम्भ किए जा चुके हैं। देश में करोड़ों लोगों को जीवन देने वाली मां गंगा को स्वच्छ निर्मल बनाना ही उनका लक्ष्य है। किसानों को लाभान्वित करने के लिए कृषक सिंचाई को लेकर देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ की परियोजना लागू की है।
इस मौके पर उन्होंने नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवाओं को प्रमाण प्रत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को सीडीओ अंकित अग्रवाल, डॉ वीरपाल निर्वाल आदि ने भी संबोधित किया। शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह, अर्जुन तोमर, हरीश राठी, ज्ञानेंद्र सिंह, अमित राठी, भू-जल संरक्षण अधिकारी डॉ विकास, मनोज भद्रकाशी आदि उपस्थित रहे।