पर्यावरण सुरक्षा में यज्ञ महत्वपूर्ण
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज गांधी कॉलोनी में एक माह तक चलने वाले शरद कालीन यजुर्वेद परायण यज्ञ का वेद मंत्रोच्चार से शुभारंभ हुआ। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति में यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। पृथ्वी और पर्यावरण सुरक्षा को जीवन में यज्ञ अवश्य अपनाए।
गांधी कॉलोनी आर्य समाज में शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक यजुर्वेद पारायण यज्ञ के शुभारंभ पर वेद पाठ संगीता आर्या और इंद्र पाल सिंह आर्य ने किया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि ऋषि-मुनियों ने यज्ञ को संसार की नाभि की संज्ञा दी है। यज्ञ परमात्मा का मार्ग दिखाता है, सत्कर्म की प्रेरणा देता है। यज्ञ से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वैज्ञानिक तथ्यों में यज्ञ पर्यावरण की शुद्धि में महत्वपूर्ण है। परिवार में साप्ताहिक यज्ञ अवश्य करें। यज्ञ ब्रह्म पंडित शांता प्रकाश रहे। गजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि प्रतिदिन प्रात: 6 बजे से 7.45 बजे तक यज्ञ और प्रवचन होंगे। आर्य विद्वान भजनोपदेशक दिनेश आर्य पथिक, आयुषी शास्त्री, आचार्य नरेंद्र मैत्रेय पधारेंगे। पूर्णाहुति 12 नवंबर को होगी। प्रधान रोशन लाल बत्रा, मंत्री देवेंद्र सिंह आर्य ने आभार जताया। उषा पटपटिया, बीना चौधरी, धर्मवीर मानिक, इंद्रपाल शास्त्री, ब्रजपाल सिंह, गिन्नी अरोरा, नंदनी आर्या, विजयपाल सिंह, चन्द्रवती चौधरी, नीलम ढिंगरा, वैद्य जगपाल सिंह आदि मौजूद रहे।