थाना खालापार पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत अभियान चलाकर सवा करोड़ की स्मैक बरामद की। पश्चिम बरेली निवासी दो तस्कर कफील व मेहरबान को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पहले भी नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जा चुके हैं। यह गिरोह पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हरियाणा में स्मैक बेचने का धंधा करता है।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने प्रेसवार्ता में बताया कि खालापार पुलिस ने पश्चिमी बरेली के कस्बा फतेहगंज के मोहल्ला भोले नगर निवासी कफील उर्फ कामरान व फतेहगंज मोहल्ला के मेहरबान को वहलना पुल के पास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से 152 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। यहां एक व्यक्ति को डिलीवरी देने आये थे। उस व्यक्ति का नाम सही नहीं बताया है। उस व्यक्ति के न मिलने पर वह हरियाणा जाने के इरादे से वाहन का इंतजार कर रहे थे।
आरोपियों के मोबाइल के आधार पर उस व्यक्ति की तलाश की जा रही है। बरामद स्मैक की कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये है।दोनों आरोपी बरेली से स्मैक लेकर आए थे। दोनों का अपराधिक इतिहास है। गिरफ्तार कफिल देहरादून में वर्ष 2021 में स्मैक डिलीवरी देने के दौरान पकड़ा गया था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तार मेहरबान के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। उसे शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर पुलिस ने वर्ष 2021 में नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा था। इसी कोतवाली में वर्ष 2021 में उसके खिलाफ जानलेवा हमले का भी मुकदमा दर्ज हुआ। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की थी। यहां इस गिरोह के संपर्क में कौन -कौन लोग हैं। उनके बारे में जानकारी की जा रही है।
यह गिरोह उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा में स्मैक की सप्लाई करता है। गिरफ्तार कफील फतेहगंज में चिकन की दुकान करता है। दूसरा आरोपी बरेली से फतेहगंज के बीच ऑटो चलाता है। मेहरबान यहां जेल में बंद रहा है। संभवत: जेल में रहने के दौरान नशीले पदार्थ का कारोबार करने वाले लोगों से संपर्क ये लोग आए। दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है।