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मुजफ्फरनगर: एटीएम में ग्लू लगाकर कार्ड फंसाते, पिन देखकर साफ करते थे खाता, मुठभेड़ में दो बदमाश पकड़े

Mon, 05 Oct 2026 10:54 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

थाना सिविल लाइन पुलिस की बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। एक बदमाश फैजान को पैर में गोली लगी। उसके साथी प्रशान्त को भी पकड़ लिया गया। बदमाशों से 10 एटीएम कार्ड और 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। 
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गिरफ्तार दोनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटीएम कार्ड फंसाकर ग्राहकों का पिन हासिल करने और बाद में उनके खातों से रकम निकालने वाले अंतरजनपदीय एटीएम फ्रॉड गैंग का थाना सिविल लाइन पुलिस ने राजफाश किया है। बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 10 बैंकों के एटीएम कार्ड, चोरी के एटीएम से निकाले गए 10 हजार रुपये, तमंचा, कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है।
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एसएसपी संजय कुमार वर्ता ने बताया कि इंद्रा कॉलोनी निवासी पुरुषोत्तम कुमार ने चार अक्तूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी कर 19500 रुपये निकाल लिए और कार्ड भी चोरी कर लिया गया। इसके बाद थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।
 

रात में थाना सिविल लाइन पुलिस की टीम से बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से पहले राजयोग फार्म हाउस के पास संदिग्ध बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। एक बदमाश फैजान निवासी संभल, हाल निवासी छिजारसी, नोएडा के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं उसके साथी प्रशान्त उर्फ पुच्ची उर्फ पटवारी निवासी हापुड़, हाल निवासी गिझौड़, नोएडा को कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
 

ऐसे देते थे एटीएम फ्रॉड को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पहले एटीएम की रेकी करते थे। एटीएम के अंदर हेल्पलाइन नंबर के नाम पर अपना मोबाइल नंबर लिख देते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड डालने वाली जगह पर ग्लू लगा देते थे। ग्राहक का कार्ड मशीन में फंस जाने पर गैंग का एक सदस्य मदद के बहाने एटीएम के अंदर पहुंचता और ग्राहक द्वारा दोबारा पिन डालने के दौरान उसे देख लेता था।
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इसी बीच दूसरा आरोपी फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली कॉल संभालते हुए ग्राहक को भरोसा दिलाता था कि कार्ड कुछ समय बाद अपने आप अनलॉक हो जाएगा। ग्राहक के एटीएम से चले जाने के बाद आरोपी कार्ड निकालकर पिन के जरिये दूसरे एटीएम से रकम निकाल लेते थे और वहां से फरार हो जाते थे।
 
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