उत्तराखंड एसटीएफ और दून पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी की गैंग के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, सात कारतूस और काले रंग की स्कॉर्पियो बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दोनों को थाना राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। इनमें से भानू चौधरी सहारनपुर और पारस मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। पारस के खिलाफ यूपी में कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया है कि पारस पहले कुख्यात अपराधियों मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा गैंग से जुड़ा रहा है और उनके लिए शूटर के तौर पर काम कर चुका है।
दोनों की मौत के बाद वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया। आरोपी देहरादून और हरिद्वार की विवादित व महंगी जमीनों में दखल देकर गैंग के लिए उगाही कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लगातार जेल में बंद सुनील राठी के संपर्क में थे और पौड़ी जेल में उससे मुलाकात भी करते रहे हैं।
एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली है कि हरिद्वार का एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर, जो पहले हत्या के मामले में जेल जा चुका है, वह भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। कई व्यापारी इन लोगों की धमकियों से परेशान थे लेकिन गैंग के डर से किसी ने शिकायत नहीं की। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैंग के तार और किन लोगों व स्थानों से जुड़े हुए हैं।