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Muzaffarnagar: 20 लाख का कर्ज चुकाने को बने अपराधी, चलाने लगे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज, मिला पाकिस्तान कनेक्शन

Wed, 30 Jul 2025 09:28 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

गांव काजीखेड़ा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इससे पूर्व भी कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जो कि पाकिस्तान जाना चाहते थे। 
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पकड़ा गया आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तितावी क्षेत्र के गांव काजीखेड़ा में चलाए जाने वाले अवैध टेलीफोन एक्सचेंज प्रकरण में साइबर थाना पुलिस ने एक और आरोपी मेरठ निवासी आरिफ को गिरफ्तार किया है। उसने इस गिरोह के जून माह में पकड़े गए तीन आरोपियों को 23 सिम उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने उससे एक मोबाइल व एक लैपटॉप बरामद किया है। मोबाइल में सिम कार्ड व सिम बॉक्स खरीदने के सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस गैंग के सदस्य छोटा-मोटा काम करते थे। 20 लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए इन्होंने अपराध की राह पकड़ी। 
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि जून माह में साइबर थाना टीम ने तीन आरोपियों मोहसिन निवासी काजीखेड़ा, उसके बहनोई फिरोज निवासी मवाना मेरठ और सद्दाम हुसैन निवासी कम्हेडा थाना ककरौली को पकड़ा था। 
 

ये तीनों तकनीक से इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल बनाकर लोगों को फायदा व सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रहे थे। उनसे छह मोबाइल व दो सिम बॉक्स बरामद हुए थे। इस गिरोह के चौथे सदस्य मेरठ के लक्खीपुरा लिसाड़ी गेट निवासी आरिफ को पकड़ा गया। इस दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल व सीओ भोपा रविशंकर मिश्रा भी मौजूद रहे।
 

आरिफ, जून माह में गिरफ्तार काजीखेडा निवासी मोहसीन के साथ कपडे़ का काम करता था। दोनों ये काम छोड़ कर इस धंधे से जुड़ गए थे। आरिफ ने बुनकर का काम भी किया था, जिसमें नुकसान होने के साथ ही उस पर 20 लाख का कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए उसने यह राह चुन ली थी। 
 

उसे पता चला कि मवाना निवासी सलीम सिमकार्ड का काम करता है तो उसने कर्ज उतारने के लिए सलीम से संपर्क किया। उसने ही सिम बॉक्स व सिमकार्ड से अपराध करना सिखाया था। जहीरुद्दीन व कासिम भी आरिफ के मोहल्ले के युवक हैं। दोनों भी यही काम करते हैं। उनके साथ मिलकर आरिफ ने ऑनलाइन सिम बॉक्स व सिमकार्ड मंगवाकर इन सिमों को सिम बॉक्स में प्रयोग किया था। 
 

इन सिम बॉक्सों को वर्चुअल आइडी के माध्यम से एनी डेस्क एप की मदद से साइबर अपराध व इंटरनेशनल कॉल को लोकल में बदलने का काम किया था। एसएसपी ने बताया कि आरिफ सिम बॉक्स संचालन करने वाले अन्य लोगों को सिम बॉक्स व सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। जून माह में पकडे़ गए मोहसिन, फिरोज व सद्दाम के साथ सिम बॉक्स चलाने में उसकी हिस्सेदारी थी। वह पैसा कभी ऑनलाइन व कभी कैश देते थे। गिरफ्तार आरोपी से बरामद मोबाइल व लैपटॉप परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
 

चाइना व पाकिस्तान से भी संपर्क
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइलों के व्हाटसएप पर चाइना के जूलिया टीवीएस के संपर्क सूत्र मिले थे। पाकिस्तान के इंटरनेट से भी संपर्क था। इस बारे में अभी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां जांच की जा रही हैं। दोनों से आइबी की टीम ने भी पूछताछ की है।
 
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पाकिस्तान जाना चाहता था आरोपी
साइबर थाना टीम को आरोपी के इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी टूर ट्रेवल्स कंपनी को भेजा गया एक मैसेज मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि वह पाकिस्तान जाना चाहता है। साइबर थाना पुलिस ने इस बारे में जांच शुरू की है।

 
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