आसाराम बापू के रसोइये अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश रचने के आरोपी तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने सुनवाई की।
शहर के जानसठ रोड के गीता एंक्लेव निवासी दूध व्यवसायी अखिल गुप्ता 11 जनवरी 2015 को गंगा प्लाजा स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। महालक्ष्मी एनक्लेव के पास दो बाइक पर आए हमलावरों ने अखिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर पुत्र हरिराम छत्तीसगढ़ के जिला राजनांदगांव के गांव बड़सूम का रहने वाला है। वह लंबे समय तक नोएडा में नाम बदलकर रहा और यहीं से पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। सेशन कोर्ट ने आरोपी की पिछले साल जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकृत हो गई है।
पहले रसोइया, फिर शादी...बाद में बन गया गवाह
शहर निवासी अखिल गुप्ता वर्ष 1997 में आसाराम के संपर्क में आया और रसोइया बन गया। आश्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर की सेवादार वर्षा से अखिल गुप्ता ने शादी कर ली थी। 2008 में अखिल और वर्षा ने आश्रम छोड़ दिया था। इसके बाद वह शहर में रहकर दूध का व्यवसाय करने लगा था।
सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया था कि वर्ष 1997 से 2006 के बीच रसोइया अखिल और उसकी पत्नी भी आश्रम में मौजूद थे। 20 अक्तूबर 2013 को गुजरात पुलिस दंपती को अहमदाबाद ले गई थी। अखिल सरकारी गवाह बन गया था।
जांच में इन आरोपियों के नाम आए सामने
पुलिस ने जांच में खुलासा किया था कि गुजरात के कार्तिक हल्दर ने मीरापुर के गांव कासमपुर खोला निवासी नीरज, सीतापुर जिले के सिंघौली निवासी राहुल उर्फ अंकित उर्फ सूरज, तामराज, प्रवीण, वकील और बलबीर के साथ मिलकर हत्या की थी। आरोपी तामराज 20 मार्च 2025 से जेल में बंद है।
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