फास्ट फूड की ठेली लगता था मोनू
मोनू अपने गांव में फास्ट फूड बेचकर मां और भाइयों की मदद कर रहा था। पिता की मृत्यु काफी समय पूर्व हो चुकी थी। परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी मां के कंधों पर आई तो युवक ने पढ़ाई छोड़कर बड़े भाइयों के साथ मिलकर फास्ट फूड तैयार करने का काम सीखा और कुशल कारीगर बन गया था। शादी विवाह के सीजन में शादी समारोह में फास्ट फूड तैयार करता तथा ऑफ सीजन में गांव में ही फास्ट फूड बेचकर परिवार की जिम्मेदारी निभा रहा था।
छह भाई-बहन में पांचवे नंबर का था मोनू
मृतक मोनू के बड़े भाई सचिन ने बताया कि वे छह भाई बहन हैं। परिवार मेहनत मजदूरी करता है। सबसे बड़ा भाई विपिन, दूसरे नंबर पर बहन सोनिया, तीसरे नंबर पर सचिन, चौथे नंबर पर बहन मोनिया और पांचवें नंबर पर मोनू और सबसे छोटा सोनू है। मोनू हलवाई का काम करता था। सुबह करीब आठ बजे मोनू को घर पर छोड़कर सभी परिजन खेत पर काम करने चले गए थे। इसके बाद परिजनों को किसी व्यक्ति ने मोनू के जहर खाने की जानकारी दी थी।
परिजनों का कहना है कि मोनू का युवती से कब और कैसे संपर्क हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। शहर कोतवाली प्रभारी समयपाल अत्री ने बताया कि युवक व युवती की मौत शामली में हुई है इसलिए शामली पुलिस की तरफ से ही पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम शामली में ही होगा।
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