उधमपुर एक्सप्रेस में किशोरी के अपहरण के प्रयास के मामले में जीआरपी ने पीड़िता और उसके पिता के बयान दर्ज किए। उधर, जीआरपी की टीम आरोपी युवक को तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक यह भी पता नहीं चल सका हैं कि वह कहां का रहने वाला हैं।
कानपुर निवासी अधिवक्ता अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी के साथ 22 मार्च की रात माता वैष्णो देवी के दर्शन कर उधमपुर एक्सप्रेस में लौट रहा था। उनकी बेटी ट्रेन में ऊपर की सीट पर सो रही थी। आधी रात के समय एक युवक ने उसके अपहरण की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी भाग गया था, जो आगे बोगी में जाकर छिप गया था। काफी तलाशने पर वह मिल पाया था। तब लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसका वीडियो भी बना लिया गया था।
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आरोप रहा कि आरोपी को ट्रेन में चलने वाले दो पुलिसकर्मियों को सौंप दिया गया था। मगर, उन्होंने उसे छोड़ दिया था। अगले दिन अधिवक्ता ने ट्वीट के माध्यम से पुलिस और रेलवे अधिकारियों को मामले की जानकारी दी थी। जीआरपी मुजफ्फरनगर ने मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही मामले में बुलंदशहर जीआरपी के दोनों पुलिस कर्मियों अमित और प्रमोद को निलंबित किया गया था।
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जीआरपी थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने कानपुर जाकर पीड़िता और उसके माता-पिता के बयान लिए हैं। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम बुंदेलखंड के कई जिलों में डेरा डाले हुए हैं। पीडि़ता के कोर्ट में भी बयान दर्ज कराए जाएंगे।