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सोसाइटी ने ई-पॉश मशीन में दर्ज कराई फर्जी एंट्री

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सोसाइटी ने ई-पॉश मशीन में दर्ज कराई फर्जी एंट्री
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मुजफ्फरनगर। कोरोना काल में खाद वितरण के नियमों को लेकर किसान और सोसायटी दोनों ने घालमेल किया। सोसाइटी ने ई-पॉश मशीन में फर्जी एंट्री कर किसानों को यूरिया वितरित कर दिया। प्रशासनिक अमले ने खाद लेने वाले प्रत्येक किसान के बयान लिए हैं। कोरोना काल में किसान बिना आधार कार्ड के सोसायटी पर पहुंच गए। उन्हें खाद तो मिला, लेकिन साधन सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने मशीन का स्टॉक खत्म करने को एंट्री अपने हिसाब से कर दी। इस मामले में चारों एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी
केंद्र सरकार ने यूरिया खाद की ब्लैकमेलिंग रोकने को खाद का वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से करने की व्यवस्था कर रखी है। खाद वितरण का सारा रिकार्ड केंद्र सरकार के पास है। मशीन के माध्यम से यह मालूम हो जाता है कि किस किसान ने कितना खाद लिया। कोरोना काल में खाद वितरण के नियमों को लेकर किसान और सोसायटी दोनों लापरवाह हो गए। बिना एंट्री के किसानों को खाद वितरित कर दी गई। साधन सहकारी समिति के रजिस्टर में रिकार्ड पूरी तरह मेंटेन किया गया, लेकिन मशीन में केवल खानापूर्ति कर दी गई। मशीनों का स्टॉक खाली करने को लेकर दो चार किसानों के नाम से ही खाद का वितरण दिखा दिया गया। केंद्र सरकार के अफसरों ने डाटा चेक किया तो यह बात पकड़ में आ गई।
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पीएमओ ने अधिक खाद लेने वाले प्रत्येक जिले के 20-20 किसानों की सूची प्रदेश सरकार को भेज दी। शासन ने जिला प्रशासन को सूची जारी करते हुए इन किसानों की जांच करने के साथ ही खाद वितरण की जांच के आदेश दिए। लगातार पांच दिन तक चली जांच के बाद सभी चारों तहसील के एसडीएम ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आया, वह यह है कि यूरिया का वितरण तो सही हुआ है, लेकिन ई-पॉस मशीन में एंट्री फर्जी तरीके से कर दी गई। जिन किसानों को खाद दी गई उन सबकी एंट्री मशीन में नहीं की गई। मशीन में जो एंट्री है वह ज्यादातर समितियों के कर्मचारियों की है। कर्मचारियों के जो बयान लिए गए, उसमें उन्होंने बताया कि जो खाद समिति पर आती है, तीन दिन बाद तक उसका डाटा मशीन पर आता है। किसान इससे पहले ही हंगामा कर खाद उठाकर ले गया। बाद में भी जो किसान आया वह आधार कार्ड लेकर नहीं आया। कई बार नेटवर्किंग ने काम नहीं किया।
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उप निदेशक कृषि जसबीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मशीनों में सही एंट्री नहीं होने पर सभी संबंधित समितियों और दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस विभाग की ओर से जारी किया गया है। एआर कोआपरेटिव योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि मशीन में सही एंट्री नहीं की गई। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।
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