यशवीर महाराज ने ढाबे के मैनेजर धर्मेंद्र से मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई तो आननफानन ढाबे को बंद कर दिया गया। वहीं इस मामले में शिवसेना ने भी एंट्री करते हुए कई अन्य ढाबों पर चेकिंग की।
संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कांवड़ मार्ग का पंडित वैष्णो ढाबा फिलहाल बंद कर दिया गया है। संयुक्त हिंदू मोर्चा के आह्वान पर शिव सेना कार्यकर्ताओं ने हाईवे के ढाबों पर पहुंचकर मालिकों के आधार कार्ड, ढाबों पर लगाए गए बोर्ड और स्कैनर चेक किए। ढाबा संचालकों से कहा गया कि वह अपनी असली पहचान की नेम प्लेट ही लगाकर रखें।
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योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने ढाबे के मैनेजर धर्मेंद्र भारद्वाज से मारपीट के मामले को एसएसपी के समक्ष उठाया था। ढाबा मालिक, संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। हिंदू संयुक्त मोर्चा ने बैठक कर पुलिस को आंदोलन की चेतावनी दी थी। मामला तूल पकड़ते ही बृहस्पतिवार को ढाबा बंद कर दिया। यहां पहुंचे ग्राहक भी वापस लौट गए।
ढाबों पर पहुंच कर शिव सेना कार्यकर्ताओं ने की पड़ताल
संयुक्त हिंदू मोर्चा के आह्वान पर शिव सेना के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कांवड़ यात्रा मार्ग दिल्ली-दून हाईवे पर आधा दर्जन से अधिक ढाबों पर पहुंचकर वहां लगे बोर्ड देखे। मालिकों से उनके आधार कार्ड देखे। वैशाली ढाबा, वैशाली पंजाबी ढाबा, श्री श्याम ढाबा, शिव शक्ति भोजनालय सहित अन्य ढाबों पर चेकिंग की। डॉक्टर योगेंद्र शर्मा, लोकेश सैनी, राजेश कश्यप, रेनू चौधरी, जितेंद्र गोस्वामी, राजकुमार सैनी, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
जानिए, कांवड़ मार्ग पर किस दिन क्या हुआ
28 जून : यशवीर महाराज ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। पंडित वैष्णों ढाबा पर विवाद हुआ।
29 जून : पंडित वैष्णो ढाबे पर कर्मचारी ने पैंट उतारने के प्रयास का आरोप लगाया।
30 जून : ढाबे के मैनेजर धर्मेंद्र शर्मा की पिटाई, यशवीर महाराज के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे।
01 जुलाई : नई मंडी कोतवाली पुलिस ने हिंदू संगठनों के छह कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे।
02 जुलाई : पुलिस के नोटिस पर यशवीर महाराज ने आंदोलन की चेतावनी दी।
03 जुलाई : ढाबा मलिक व संचालक सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा।