मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड की गायब मूल पत्रावलियों की फोटोकॉपी के आधार पर साक्ष्य कराने के मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई है। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फैसले के लिए 11 अगस्त की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावली में बुधवार को सुनवाई हुई। मूल दस्तावेज गुम होने की स्थिति में फोटोकॉपी पर सुनवाई के लिए दोनों पक्षों ने अदालत में अपना-अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने फोटोकॉपी पर साक्ष्य का विरोध किया। अदालत ने 11 अगस्त की तिथि तय कर दी है।
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