पुलिस के अनुसार, मुख्य अभियुक्त मोहन मृतक राजू की दुकानों में कई वर्षों से किराएदार था और पहले एक स्कूल में बिजली मिस्त्री के तौर पर भी काम कर चुका था। घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद होने के कारण पुलिस को शुरू से ही उस पर संदेह था। मुखबिर की सूचना पर शनिवार देर रात पुलिस ने चरथावल के जंगल में घेराबंदी कर मोहन और उसके रिश्तेदार नितिन को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में मोहन के पैर में गोली लगी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। इस हत्याकांड के खुलासे से स्थानीय लोगों में जहां एक ओर राहत की सांस है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की वारदातों पर चिंता भी जताई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।