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रोहाना अस्पताल में टपकता रहा बारिश का पानी

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रोहाना के गांव बझेड़ी में जर्जर हालत में सरकारी अस्पताल। - फोटो : KHATAULI
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रोहाना अस्पताल में टपकता रहा बारिश का पानी
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रोहाना। दो बेड वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्जर हालत में है। बरसात में छत से पानी टपकता रहता है। मरीजों को इलाज कराने की सुविधा भी नहीं मिलती है। नतीजतन यहां के लोगों को अन्यत्र इलाज कराने के लिए विवश होना पड़ता है।
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गांव बहेड़ी में एक हेक्टेयर जमीन में काफी अर्से से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहाना के नाम से बना हुआ है, जिसमें दो बेड का अस्पताल है। इसके अलावा आठ पुराने जर्जर आवास हैं। यहां पर एक पानी की टंकी बनी हुई है और दो हैंडपंप लगे हैं। वह भी खराब पड़े रहते हैं। अस्पताल में एक ओपीडी, एक लैब भी है। अस्पताल में न तो बिजली की कोई सुविधा और न ही ऑपरेशन की सुविधा है। सोमवार को दिनभर रुक रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश के कारण अस्पताल की छतों से पानी टपकता रहा। अस्पताल में डॉक्टर मनीष वर्मा प्रभारी चिकित्सक हैं और राजेश शर्मा फार्मासिस्ट, सुंदरपाल सिंह वार्ड ब्वाय, सुमित्रा एएनएम के रूप में स्थायी रूप से कार्यरत हैं। विनय कुमार आयुष फार्मासिस्ट, माजिद एलटी/एसएम, अंजलि एएनएम, सरिता स्टाफ नर्स, नीतू सीएचओ संविदा पर कार्यरत हैं। सरकारी आवास होने के कारण कोई स्टाफ यहां रहने को तैयार नहीं है। अस्पताल में चारों ओर घास फूस खड़ा हुआ है, जिसकी सफाई की व्यवस्था भी नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहाना के प्रभारी डाक्टर मनीष वर्मा ने बताया कि सभी समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है, लेकिन फंड की कमी है। पीएचसी प्रभारी डॉ सतीश से बात की, तो कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। छह माह से पेयजल स्वच्छता अभियान के तहत पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। स्टाफ खुद अपने घर से पीने का पानी लेकर आते हैं।
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