गांव बेगराजपुर में 10 जून की रात को रविदास मंदिर में सो रहे पुजारी नत्थन की हत्या मंदिर परिसर में शराब पीने से मना करने पर गांव के ही दो युवकों ने की थी। पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हुए हैं।
सीओ खतौली रूपाली रॉय ने बताया कि 10 जून की रात बेगराजपुर के रविदास मंदिर में सो रहे पुजारी 58 वर्षीय नत्थन की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। पहले सभी लोग पुजारी की स्वाभाविक मृत्यु मान रहे थे। मुंह पर लगे खून को देखकर मृतक के भतीजे सागर ने गांव के ही दो युवकों अनिकेत और अरुण पर संदेह जताते हुए नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी थी।
शुक्रवार देर रात मंसूरपुर थाना प्रभारी विपिन त्यागी को सूचना मिली कि आरोपी दोनों युवक कहीं भागने की इरादे से बाइक पर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने बेगराजपुर अंडरपास के पास चेकिंग शुरू कर दी। तभी बाइक पर आ रहे दो युवकों को रुकने का इशारा किया तो रुकने की बजाय दोनों युवक पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली पैरों में लगने से दोनों युवक घायल हो गए। दोनों युवकों को गिरफ्तार कर उनसे दो तमंचे, कारतूस तथा बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
गिरफ्तार घायल विपिन और अरुण दोनों युवक बेगराजपुर के रहने वाले हैं। दोनों शराब पीने का आदी हैं। दोनों रोजाना मंदिर परिसर में जाकर शराब पीते थे। पुजारी ने उन्हें शराब पीने से मना करते थे। घटना वाली रात में पुजारी ने शराब पीने के लिए उन्हें मंदिर में आने से मना कर दिया था। इसी के चलते उन्होंने रात में पुजारी के साथ मारपीट कर दी। दोनों युवकों ने पुजारी को बुरी तरह पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया। दोनों आरोपी बेगराजपुर फैक्टरी में मजदूरी करते थे। सीओ ने बताया कि दबाव व मारपीट करने से पुजारी के फेफड़े फट गए थे। शरीर पर चोट आई थी, जिससे पुजारी की मौत हो गई थी। आरोपियों का चालान कर दिया हैं।