इस तरह से होगा रावण का दहन
कारीगर रफीक ने बताया कि रिमोर्ट का बटन दबते ही सबसे पहले रावण के पुतले का सिर उड़ जाएगा। इसके बाद पहले एक हाथ और फिर दूसरा हाथ जलेगा। दोनों हाथ जलने के बाद पुतले के दोनों पैर से आग पूरे शरीर से ऊपर तक जाएगी।
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60 फीट का बनाया गया है रावण का पुतला
दशहरे के लिए तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 60 फीट, कुंभकरण और मेघनाद की ऊंचाई 50-50 फीट है। इन्हें बनानें में 1000 से 1200 रुपये फीट का खर्च आया है। तीनों पुतलों को बिल्कुल आधुनिक तरीके से बनाया गया है।
मुस्लिम परिवार ने तैयार किए तीनों पुतले
पिछले करीब 60 वर्षों से तैयार करने वाले मुस्लिम परिवार ने ही इस बार भी यह तीनों पुतले तैयार किए है। नावल्टी चौक के रहने वाले रियाजुद्दीन के बेटे रफीक ने बताया कि वह लोग 1964 से दशहरें के लिए पुतले तैयार कर रहे है। उससे पहले उसके पिता पुतले तैयार करते थे, लेकिन अब वह ऋषिकेश में पुतले बनाते है।