इस वार्षिक महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिदिन प्रातः कालीन आरती, श्री मुखवाणी चर्चा, चितवन, आदि कार्यक्रम हुए। इसके अलावा आश्रम के मुख्य धर्म उपदेशक विंध्याचल जी महाराज, विजय जी महाराज, लता बहन लखनऊ और पांच पद्मावती पुरी धाम पन्ना जी से पधारे देवकरण गांधी महाराज आदि ने प्रवचन एवं वाणी चर्चा के द्वारा श्री जी साहेब जी की मेहर बरसाई।
समारोह के समापन के अवसर पर सर्वप्रथम श्रीजी की मंगल आरती की गई। मुख्य धर्म उपदेशक विंध्याचल जी महाराज द्वारा तारतम दीक्षा दी गई। इसके बाद श्रीजी की सवारी निकाली गई। जिसमें सभी सुन्दरसाथ नाचते गाते भक्ति में झूमते हुए श्रीजी को रिझाते हुए चले। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।