फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar: आठ साल बाद फैसला, अदालत ने लिखा-'लाश नहीं तो केस नहीं' सोच बैठे थे दोषी, लेकिन सच तो सच होता है

Sat, 20 Jun 2026 12:02 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News Today: मुजफ्फरनगर के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में अदालत ने दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। फैसले में अदालत ने कहा कि अपराधियों ने सोचा होगा कि लाश नहीं तो केस नहीं, लेकिन सच आखिरकार सामने आ ही जाता है।
विज्ञापन
आठ साल बाद हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर के चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में आठ साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय संख्या-03 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने मामले को विरल से विरलतम श्रेणी का अपराध मानते हुए दो दोषियों को मृत्युदंड और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


फैसला सुनाते हुए अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दोषियों ने शायद यह सोच लिया था कि 'लाश नहीं तो मामला नहीं', लेकिन सच हमेशा सच ही रहता है और आखिरकार सामने आ जाता है।

यह भी पढ़ें: Mission 2027: मेरठ दक्षिण में दावेदारों की भरमार, इस सीट पर फंसा पेंच, लखनऊ में बढ़ती लॉबिंग ने गरमाया माहौल

विज्ञापन

हत्याकांड के दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला

अवैध संबंधों के शक में रची गई थी हत्या की साजिश
अभियोजन पक्ष के अनुसार ककरौली निवासी राजेंद्र सैनी की हत्या अवैध संबंधों के शक में की गई थी। आरोपी वीरसैन को संदेह था कि राजेंद्र उसकी पत्नी से बातचीत करता है। इसी शक के चलते हत्या की साजिश रची गई। 

चार जून 2018 को आरोपियों ने राजेंद्र को अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए। आरोप है कि उसे शराब पिलाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई और पहचान मिटाने के लिए शव को जला दिया गया।

जंगल में मिला था जला हुआ शव
पांच जून 2018 को मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव के जंगल में एक जला हुआ शव बरामद हुआ था। मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के मौड़ कलां निवासी महावीर की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 

बाद में शव की पहचान ककरौली निवासी 26 वर्षीय राजेंद्र सैनी के रूप में हुई। इसके बाद मृतक के भाई जयविंद्र ने 11 जून 2018 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

आठ साल बाद हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी - फोटो : अमर उजाला

तीन आरोपियों के खिलाफ चली थी सुनवाई
पुलिस ने जांच के बाद वीरसैन, गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी वीरसैन की मृत्यु हो गई। बाकी दो आरोपियों गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी रही। बुधवार को दोनों को दोषी करार दिया गया था।

विज्ञापन

हत्याकांड के दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विरल से विरलतम मानकर सुनाई फांसी
शनिवार को अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत जघन्य और समाज को झकझोर देने वाला है, इसलिए इसे विरल से विरलतम श्रेणी में रखा गया। इस फैसले के साथ आठ वर्ष पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड का न्यायिक अध्याय महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें