मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान की फसलों पर कहर बरपाने के बाद टिड्डी दल ने भारत में प्रवेश कर लिया है। पंजाब के सरहदी गांवों में इसका प्रकोप दिखने के बाद उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पंजाब के सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों के किसानों को अपने खेतों की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पंजाब की सीमा से लगे हिंदुस्तान के पश्चिमी सरहदी गांवों में टिड्डी का भयंकर प्रकोप देखा गया है। टिड्डी दल फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे देखते हुए किसान फसलों की सतत निगरानी करते रहें। कीट की निगरानी के लिए ब्लॉक एवं गांव स्तरीय कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। यदि किसानों को भी कहीं पर टिड्डियों का समूह नजर आता है तो तुरंत न्याय पंचायत स्तर के प्राविधिक सहायक, ब्लॉक स्तर पर एडीओ कृषि या कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों को सूचित करें।
बर्तन से शोर कर भगाएं टिड्डी दल
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि टिड्डियों को बर्तन या अन्य किसी ध्वनि यंत्र से शोर करके फसलों से दूर रखें। टिड्डी में दिन में खाने एवं रात में अंडे देने की प्रवृत्ति होती है। यदि किसी किसान के खेत में टिड्डी दल रात्रि में रुकते हैं तो किसान सुबह ही उस क्षेत्र को जोत दें। साथ ही मैलाथियान 50 प्रतिशत की 500 मिली मात्रा प्रति हेक्टेयर, क्लोरोपाइरीफास 20 प्रतिशत की दो लीटर प्रति हेक्टेयर, डाइक्लोरोवास 75 प्रतिशत की 500 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा ब्यूवेरिया बेसियाना की 2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर का 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे कर अंडों को नष्ट कर दें ताकि उनकी अगली पीढ़ी तैयार न हो पाए। किसान अपनी फसलों की लगातार निगरानी रखें।