मुजफ्फरनगर में पांच साल पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को अदालत ने उम्रकैद और 52 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बाबूराम की अदालत में सत्र परीक्षण की सुनवाई हुई।
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विशेष लोक अभियोजक दिनेश शर्मा और मनमोहन वर्मा ने बताया कि मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का है। 18 अप्रैल वर्ष 2018 को गांव निवासी पड़ोसी युवक ने साढ़े तेरह साल की किशोरी को पानी लेने के लिए घर पर बुलाया। वहीं तमंचे की नोंक पर डरा धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
वहीं चार महीने की गर्भवती होने पर पीड़िता ने पूरी घटना भाई को बताई। वादी ने थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह प्रस्तुत किए। अदालत में दाखिल डीएनए टेस्ट रिपोर्ट और साक्षी नंबर आठ की गवाही हुई। जिसमें पीड़िता से जन्मे बच्चे के पिता दोषी और मां पीड़िता साबित हुई। अभियुक्त नईम को दोषी करार दिया।