पुलिस ने नशे के सप्लायर गढ़ मुक्तेश्वर निवासी जुफेन उर्फ नवाब को कार समेत गिरफ्तार किया है। जुफेद खुद को मेडिकल लाइन से जुड़ा बताता है। मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के जिलों में नशीली दवाओं की सप्लाई करता है।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने वांछित चल रहे नशीले कैप्सूल और गोलियों के एक बड़े सप्लायर गढ़ मुक्तेश्वर निवासी जुफेन उर्फ नवाब को कार सहित गिरफ्तार किया। उसकी कार से एक लाख 44 हजार नशीले कैप्सूल और एक लाख बीस हजार नशीली गोलियां बरामद की हैं। उसके तीन साथियों को पुलिस ने तीन दिन पहले लाखों रुपये के नशीले कैप्सूल व गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था।
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एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि थाना सिविल लाइन प्रभारी इंद्रजीत सिंह की टीम को सूचना मिली थी कि एक युवक बलेनो कार में नशीली दवाई लेकर कहीं जा रहा है तो पुलिस ने राणा चौक बाईपास पर चेकिंग कर एक कार में जा रहे युवक को रोका। उसकी कार से आठ पेटियों में नशीली दवाई मिली।
गिरफ्तार जुफेन ने बताया कि पेटियों में स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल नशीले एक लाख 44 हजार कैप्सूल व एल्प्राजोलम में एक लाख बीस हजार गोलियां हैं। वह जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के मदरसा चौधरियान मीरारेती का रहने वाला है। वह मेडिकल लाइन का ही काम करता है। अमरोहा के रहने वाले अशोक से यह दवाई खरीदता है। लोहिया नगर मेरठ निवासी जुनेद, खरखौदा के गांव बधौली निवासी कलीम और खतौली के दीपक को दवाई बेचता है।
वह तीनों तीन दिन पहले सिविल लाइन थाना पुलिस ने पकड़े थे। यह जानकारी पाकर वह अपनी कार में बरामद दवाइयों को अन्य स्थान पर बेचने के लिए ले जा रहा था। उसके साथी नशा करने वाले लोगों को ऊंचे दाम पर बेचते हैं। जबकि इन दवा बिना किसी डॉक्टरी की सलाह के बेची नहीं जा सकती। बरामद कार हालांकि आरोपी ने अपनी बताई है लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन रावली कला गाजियाबाद निवासी लीलू राम के नाम है।
एएसपी ने बताया कि यह गिरोह व्हाट्सएप पर ऑर्डर लेकर नशीली दवा की तस्करी करता है। तीन दिन पहले जो तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए थे वह जुफेन से ही दवा खरीदते थे। वह व्हाट्सएप पर ऑर्डर लेकर व्हाट्सएप पर मैसेज बताता था कि दवा की खेप कहां पर मिलेगी।
गिरफ्तार आरोपी ने जानकारी दी है कि अमरोहा निवासी अशोक ने दवा कंपनी को अपना बताया हुआ था। एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि वांछित आरोपी की तलाश में पुलिस की दो टीम बनाई हैं। गिरफ्तार आरोपी का चालान कर दिया है। बरामद दवा की कीमत लगभग बीस लाख रुपये है।