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बजट के अभाव में ठिठक गया वेटलैंड का विकास

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हैदरपुर वैटलैड में बनायी गर्ई वॉचहट । - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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बजट के अभाव में ठिठक गया वेटलैंड का विकास
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मुजफ्फरनगर। स्थानीय और विदेशी पक्षियों की पसंदीदा जगह हैदरपुर वेटलैंड का विकास बजट के अभाव में ठहर गया है। मंडलायुक्त ने यहां पर जो कार्य शुरू कराए थे वे रुक गए हैं। उधर, शासन को भेजे गए करीब 4.43 करोड़ के प्रस्ताव पर भी अभी कोई स्वीकृति नहीं मिली है। फिलहाल लखनऊ से यह प्रस्ताव नमामि गंगे परियोजना से कराने के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है।
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बिजनौर बैराज के पास स्थित हैदरपुर वेटलैंड हर साल सर्दियों में पक्षियों की कलरव से गुलजार रहता है। इस स्थान की महत्ता को समझते हुए वन विभाग ने इसे बायो डायवर्सिटी पार्क की तरह से विकसित करने के लिए करीब 4.43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें झील में आइलैंड बनवाने के साथ ही वाच टावर व अन्य कई कार्य प्रस्तावित हैं। उधर, मंडलायुक्त सहारनपुर की स्वीकृति के बाद इस स्थान के विकास को करीब 25 लाख रुपये जारी किए गए थे, लेकिन यह बजट खत्म हो गया है। यहां पर बनाए जा रहे वाच टावर अधूरे रह गए हैं, जबकि वाच हट भी पूरी नहीं बन पाई। वर्तमान में काम रुका हुआ है।
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डीएफओ सूरज का कहना है कि बजट की उपलब्धता के अनुसार काम करा दिया गया है। धनराशि नहीं होने के कारण काम रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि इस स्थान को बायो डायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने के लिए 4.43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। वह प्रस्ताव लखनऊ से नमामि गंगे परियोजना को प्रेषित कर दिया गया है। इसी परियोजना के तहत प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। मंजूरी कब तक मिल पाएगी, इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते।
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इन दिनों खूब हो रही चहल-पहल
हैदरपुर वेटलैंड पर इन दिनों खूब पहल-पहल है। भले ही इस स्थान का विकास नहीं हो पाया हो, लेकिन लोग इसके बारे में जान गए हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने आ रहे हैं। स्थानीय और विदेशी पक्षियों की भी यहां भरमार है। सुबह से शाम तक उनकी अठखेलियों को देखा जा सकता है।
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