पंचायत चुनाव खिसके तो जाएगी 498 प्रधानों की कुर्सी
मुजफ्फरनगर। जिले में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हुए तो 498 ग्राम प्रधानों की कुर्सी पर अफसर विराजेंगे। जिले के 43 जिला पंचायत सदस्यों और 1085 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ 6726 ग्राम पंचायत सदस्यों को भी अपने अधिकारों से हाथ धोना पड़ेगा। 25 दिसंबर को निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होगा। इस बार समय पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार समय पर होना मुश्किल है। छह माह पहले शुरू होने वाली चुनावी प्रक्रिया इस बार कोरोना महामारी के कारण अधर में लटक गई है। चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि अगस्त या सितंबर में बीमारी पर अंकुश हो जाए तो प्रक्रिया शुरू कर सके। ऐसे में चुनाव लेट हो सकते हैं। चुनाव में देरी के कारण ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुखों का समय पूरा होने पर अधिकार छीने जा सकते हैं। इनकी ताकत प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा सकेगी। यदि ऐसा होता है तो जिले में 498 ग्राम प्रधानों की कुर्सी जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष, क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के अधिकार भी डीएम और एसडीएम पर पहुंच जाएंगे। जनपद में 43 जिला पंचायत सदस्यों, 1085 बीडीसी और 6726 ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा माना जाएगा और ये बोर्ड बैठक में भाग नहीं ले सकेंगे। त्रिस्तरीय चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण महोत्सव माना जाता है। आम ग्रामीण की निगाहें सीधे इस चुनाव पर रहती है। चुनाव समय पर होंगे या पीछे हटेंगे इसे लेकर गांव के आम आदमी में चर्चा शुरू हो गई है।