गैंगस्टर अरुण की हत्या में पुलिस ने उसके तीन दोस्तों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। तीनों ने बताया कि शराब पार्टी के दौरान कहासुनी होने पर उन्होंने अरुण के सिर में ईंट मार दी थी। शव को जलाने का भी प्रयास किया था।
झिंझाना के गैंगस्टर राजा उर्फ अरुण की हत्या उसके ही दोस्तों ने शराब पीने के बाद की थी। शव को जलाने का प्रयास भी किया था। हत्या की घटना को प्रधान के भाई हिस्ट्रीशीटर सोहनवीर व दो अन्य ने अंजाम दिया। मुठभेड़ में तीनों को पकड़ा गया है, तीनों आरोपी घायल हुए हैं।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि शुक्रवार देर रात शाहपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि हरसौली के ग्राम प्रधान तेजवीर सिंह के नलकूप पर एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके से शव को मोर्चरी भेज दिया और जांच पड़ताल में जुट गई।
अलसुबह सांझक गांव में आम के बाग में कुछ बदमाशों के छिपे होने की सूचना मिली तो वहां पहुंचने पर पुलिस की तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हरसौली के प्रधान का भाई हिस्ट्रीशीटर सोहनवीर उर्फ पिंटू व काकड़ा निवासी विकास पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
उनके तीसरे साथी हरसौली निवासी राजीव उर्फ राजू को कांबिंग में पकड़ा गया। तीनों से तीन तमंचे बरामद हुए। उन्होंने पूछताछ में नलकूप पर मृत मिले युवक की हत्या करना बताया। एसएसपी ने बताया कि मृतक के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर सहित पांच मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर सोहनवीर के खिलाफ गैंगस्टर सहित सात व विकास के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी का आपराधिक इतिहास अभी सामने नहीं आया है। पुलिस जांच कर रही हैं।
राजा व गिरफ्तार सभी आरोपी अपराधी हैं। यह भी जांच कराई जा रही है कि यह सभी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तो एकत्र नहीं हुए थे। प्रेसवार्ता में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह व एसओ शाहपुर गजेंद्र कुमार मौजूद रहे।
पूछताछ में ये बताया
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि राजा उर्फ अरुण और वे तीनों पूर्व से आपस में परिचित व मित्र थे। 24 अप्रैल को अरुण उर्फ राजा उनके पास पास मिलने आया था। वह बस में आया था। विकास और उसकी काफी समय पहले जेल में मुलाकात हुई थी। अरुण दो माह पहले ही जेल से छूटकर आया था। वह सभी सोहनवीर के भाई प्रधान के नलकूप पर गांव हरसौली के जंगल में शराब पी रहे थे।
इसी दौरान अरुण से झगड़ा हो गया। उन्होंने पास में पड़ी ईंट उठाकर उसके सिर में मार दी । उससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को जलाने का प्रयास किया गया। शव को जमीन में दबाने का भी इरादा था। बाद में शव को वहीं छोड़ कर भाग कर बाग में छिप गए थे।