घर में घुसकर अंधाधुंध बरसाई थीं गोलियां
वादी अशोक कुमार के अनुसार 14 जुलाई 2014 की सुबह करीब 10:45 बजे हमलावर सफेद कार से बुढ़ाना-कांधला मार्ग की ओर से आए थे। हमलावर अशोक के घर में घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में अशोक घायल हो गया, जबकि उसके भाई पवन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
आरोपियों को लेकर जाती पुलिस
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चार अभियुक्तों पर दोष सिद्ध, सुनाई गई फांसी
मामले में शामली के पीरखेड़ा निवासी रामवीर, बड़ौत के रामनगर निवासी राजीव उर्फ छोटू, भभीसा निवासी राहुल उर्फ बोसी और कांजरहेड़ी निवासी हरेंद्र कुमार पर अदालत में दोष सिद्ध हो चुका था। बृहस्पतिवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
मुठभेड़ में मारा गया था विपुल उर्फ खूनी
अभियोजन प्रपत्रों के अनुसार भभीसा निवासी विपुल उर्फ खूनी, अशोक और भड़ल निवासी राहुल के विरुद्ध विवेचना जारी रही। इनमें विपुल उर्फ खूनी बाद में बागपत में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं अमित पुत्र सत्यप्रकाश के फरार होने के कारण उसकी पत्रावली न्यायालय ने एक मार्च 2024 को अलग कर दी थी।