मीरापुर के ग्राम कासमपुर खोला व रामसर साइट हैदरपुर वेटलैंड क्षेत्र में लाखों रुपये कीमत के खैर के लगभग 100 पेड़ चोरी से काटने के मामले में वन दरोगा रवि कुमार के खिलाफ कार्रवाई हुई है। डीएफओ कन्हैया लाल पटेल ने वन दरोगा को निलंबित कर दिया। पूरे मामले की जांच मोरना क्षेत्र के रेंजर कुलदीप सिंह को सौंपी है।
डीएफओ ने बताया कि खैर के पेड़ चोरी से काटने का मामला गंभीर था। उन्होंने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की थी। बाद में लाखों कीमत की लकड़ी एक आरा मशीन से बरामद कर ली थी। इस मामले में उनकी जांच पड़ताल में मीरापुर क्षेत्र के वन दरोगा रवि कुमार की लापरवाही सामने आई थी। कई कर्मचारियों की टीम के साथ उन्होंने जांच शुरू की है। अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
यह था मामला
क्षेत्र के गांव कासमपुर खोला व रामसर साइट हैदरपुर वेटलैंड में लकड़ी तस्करों ने लाखों रुपयों की कीमत के करीब खैर के 100 पेड़ चोरी से काट लिए थे। मामले की जांच के लिए शुक्रवार को डीएफओ कन्हैया लाल पटेल पहुंचे थे। उन्होंने काटे गए पेड़ों की गिनती कराई थी। बाद में एक आरा मशीन से कई लाख की लकड़ी बरामद की थी। इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नही कराया गया है।
वन दरोगा ही डलवा कर आया था आरा मशीन पर खैर की लकड़ी
वन क्षेत्र अधिकारी आरिफ जमाल खां ने बताया कि जांच पड़ताल में आया है कि मीरापुर के मोहल्ला कमलियान में आरा मशीन से लाखों रुपये की खैर की कटी लगभग दस लकड़ी मिली थी। यह लकड़ी वन दरोगा रवि कुमार एक ट्रैक्टर ट्रॉली में लदवाकर चालक के साथ आरा मशीन पर स्वयं डलवाकर आया था। इसी लापरवाही के चलते वन दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उधर, सस्पेंड आरोपी वन दरोगा शनिवार दोपहर को दो नामजद व पांच अज्ञात लकड़ी तस्करों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दे आया। थाना पुलिस ने बताया कि चूंकि आरोपी वन दरोगा सस्पेंड है, इसलिए उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता।