गांजा की तस्करी करने वाले अपराधी पुलिस को धोखा देने के लिए रोजाना नए तरीके अपना रहे हैं। गांजा तस्कर मीरापुर थाने में पकड़ी हुई खड़ी सेंट्रो कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उड़ीसा से 25 लाख रुपये का गांजा ले आए। कार पर पूर्व में पकड़ी कार के जैसा ही रंग किया गया था। गांजा कार की खिड़की, फर्श, बोनट, हैडलाइट में छिपा कर लाया गया था। एक आरोपी पकड़ा गया, जबकि उसका साथी भाग गया।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि मीरापुर पुलिस ने पांच दिन पहले एक सेंट्रो कार को पकड़ा था। कार में छिपाकर उड़ीसा से 68 किलो गांजा लाया गया था। कार सवार एक आरोपी रमेश पकड़ा था जबकि पानीपत निवासी उसका साथी संजय भाग गया था। पकड़ी गई कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, उसी नंबर वाली फर्जी नंबर प्लेट लगी एक और सेंट्रो कार को शुक्रवार को मीरापुर पुलिस ने पकड़ा है।
इस कार से 67.400 किलो गांजा बरामद हुआ। यह गांजा पहले के ही तरह छिपा कर उड़ीसा से लाया गया था। कार सवार बुढाना के गांव मंदवाड़ा निवासी योगेंद्र को पकड़ा गया। उसका साथी पानीपत निवासी प्रमोद भाग गया। पुलिस ने योगेंद्र के चाचा रमेश को पांच दिन पहले पकड़ा था। पहली कार के मीरापुर थाने में खड़ी होने का फायदा उठाकर दूसरी कार पर उसकी नंबर प्लेट लगाकर गांजा लाया जा रहा था।
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि दोनों बार गिरफ्तार आरोपी एक ही गिरोह के सदस्य है। यह गिरोह हरियाणा, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ आदि जनपदों में गांजा सप्लाई करता है। ये लोग पुरानी कार को खरीद कर अपने नाम नहीं कराते। इस बार बरामद गांजा की कीमत 25 लाख रुपये है। इस गिरोह के वांछित दो आरोपियों को तलाश किया जा रहा है।