मई में भी मिला नहीं था मुनीर
23 सितंबर 2022 को फुगाना के गांव जोगियाखेड़ा निवासी पीएफआई सदस्य इस्लाम कासमी को तीन साथियों के साथ मेरठ के खरखौदा पुलिस ने पकड़ा था। तब दधेडू कला निवासी मुनीर का नाम सामने आया था। मामले की जांच एटीएस के पास थी। तभी से उसकी तलाश थी। मई में भी एटीएस ने दबिश दी थी लेकिन वह मिल नहीं पाया था। सीएए के विरोध के मामले में वह जेल गया था।
जनपद में गहरी हैं पीएफआई की जड़े
20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में मेरठ रोड, मीनाक्षी चौक, देना बैंक, मदीना चौक, महावीर चौक आदि स्थानों पर आगजनी कर दर्जनों वाहन फूंके गए थे। तब पीएफआई की भूमिका सामने आई थी। सिविल लाइन और शहर कोतवाली में तीस से ज्यादा मुकदमे दर्ज कर सैकड़ों लोगों को जेल भेजा गया था। शहर कोतवाली पुलिस ने पीएफआई सदस्य तितावी के गांव जसोई निवासी फरमान, हुसैनाबाद निवासी नफीस और मुर्सलीन तथा नंगला रियावली निवासी इकबाल को पकड़ा था। रतनपुरी के गांव नंगला निवासी पीएफआई सदस्य अतीर्कुरहमान को मथुरा से पकड़ा गया। 28 सितंबर 2022 को एटीएस ने रतनपुर, छपार व शहर कोतवाली क्षेत्र से पीएफआई व सहयोगी संगठन एसडीपीआई के पांच सदस्यों को पकड़ कर शांति भंग की आशंका में चालान किया था। सात मई 2023 को एटीएस ने तितावी निवासी तीन युवकों को पकड़ा था, जिन्हें पूछताछ कर छोड़ दिया गया था।
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पिता बोले, बेटा निर्दोष, सब्जी खरीदेते हुए दो दिन पूर्व उठा ले गई थी पुलिस
देश के प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की सदस्य के आरोप में मुनीर आलम की गिरफ्तारी के बाद पिता ने जुबान खोली। पिता का कहना है बेटा निर्दोष है। दो दिन पूर्व मुजफ्फरनगर से सब्जी खरीदने हुए पुलिस उठा ले गई थी। बृहस्पतिवार को सुबह अखबार पढ़ने के बाद उन्हें मालूम हुआ कि उनका बेटा एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिता मंगता हसन दधेड़ू कलां गांव में परिवार सहित रहते हैं उनके तीन बेटे हैं। उनमें से एक बेटे का पिछले वर्ष इंतकाल हो गया था। परिवार की आर्थिक हालत दयनीय है। बताया उसका बेटा पूरी तरह बेकसूर है। यदि पीएफआई से उसका ताल्लुक होता तो आज उनके मकान कच्चे ना होते। उधर, पत्नी हीना का कहना है कि उसका पति निर्दोष है। वह रोज कचहरी जाते थे। पिता के पास सिर्फ चार बीघा जमीन है। बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उसका दो कमरों का आवास बन बन पाया था।
अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश
जिला बार एसोसिएशन का सदस्य मुनीर आलम की गिरफ्तारी के बाद वकीलों में आक्रोश दिखा। कई अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष और महासचिव से देश के प्रतिबंधित संगठन के सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अध्यक्ष अनिल जिंदल और महासचिव जितेंद्र कुमार ने बताया आरोपी को बार का सदस्य होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।