आरोपी मुजम्मिल के परिवार के लोग पीड़िता के पति व उसके परिवार पर फैसला का दबाव बना रहे थे।.दस दिन पूर्व फैसले से इनकार कर देने पर आरोपी मुजम्मिल के भाई अम्मार, आफताब आदि पीड़िता के घर पहुंचे। फैसला नहीं करने पर धमकी देते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
27 जुलाई को आरोपी मुजम्मिल का भाई अम्मार, आफताब व एक रिश्तेदार उस्मान भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। जहां उन्होंने फर्जी चोट बनवाकर गोली लगी दर्शाने की बात वार्ड ब्वाय मोहम्मद खालिद से की। इस दौरान कुछ अन्य लोगों भी मौजूद रहे। खालिद व अन्य को 55 हजार रुपये दिए गए।
मोहम्मद खालिद ने आफताब के कंधे के पास फर्जी चोट का घाव बनाकर गोली का छर्रा आदि लगाना दर्शा दिया। वार्ड ब्वाय ने सिरिंज से आफताब का कुछ ब्लड निकाल कर उसे एक शीशी में कर दे दिया। उसे जंगल में घटनास्थल पर गिराने की सलाह दी।
कुछ देर बाद अम्मान, आफताब और उस्मान योजना के अनुसार गांव के जंगल स्थित अपने खेत पर पहुंचे और अवैध तमंचे से हवाई फायर किया। सूचना देने पर पुलिस पहुंची। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया।
मामले में अम्मार ने गांव के ही गुल शनव्वर व उसके भाई साबिर व एक अन्य के विरुद्ध घटना करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा कायम करने के बाद आरोपियों ने गुल शनव्वर आदि से मुकदमे में फैसला करने के नाम पर पचास हजार रुपये वसूल लिए। पांच लाख की रंगदारी भी मांगी।
जांच पड़ताल में आफताब,अम्मार,उस्मान व मेहताब के साथ ही कुछ अन्य लोगों के नाम भी इस मामले में संज्ञान में आए हैं। जो जेल में बंद आरोपी की जमानत की पैरवी करने, पीड़िता व उसके परिवार को धमकाने, पैसों की भी मांग कर रहे थे।
फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कर वार्ड ब्वाय मोहम्मद खालिद और आफताब को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अदालत मेरठ में पेश किया है। जिस तमंचे से फायर किया गया। उसकी तलाश की जा रही है।
शुरू से ही लग रहा था मामला संदिग्ध
एसएसपी ने कहा कि मामला शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था। घायल का तीन डॉक्टर के पैनल से मेडिकल कराया गया। जिसमें मामला फर्जी पाया गया। जिस डॉक्टर से फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की उसके बारे में जांच शुरू कराई है।
भाकियू नेता भी प्रकाश में आया
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि इस मामले में भाकियू नेता बिटटू प्रधान भी जांच में प्रकाश में आया है। उसके व जांच में प्रकाश में आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरी परीक्षण करने वाले डॉक्टर की भी जांच शुरू
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर प्रणव तेवतिया ने बताया कि डॉक्टरी परीक्षण के दौरान जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।