Muzaffarnagar News: चार जून 2020 को डीलर वाली गली स्थित मकान में मां राजबाला का उसके बेटे दीपक से झगड़ा हो रहा था। शोर होने पर कांस्टेबल इस्लाम और होमगार्ड रतिराम मौके पर पहुंचे थे। यहां रतिराम के पेट में चाकू मारकर दीपक भाग गया था।
छह साल पहले कोरोना काल में शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पर होमगार्ड रतिराम (51) के पेट में छुरी घोंपकर हत्या के मामले में अदालत ने दोषी दीपक को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया। अदालत ने 55 पेज के फैसले में अमेरिका के टैक्सास में आठ साल पहले घरेलू विवाद निपटाने गए पुलिस अधिकारी डेविड सेरार्ड की इसी अंदाज में हत्या और दोषी को सजा-ए-मौत का जिक्र भी किया है।
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बुढ़ाना मोड़ पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल इस्लाम और लकड़संधा निवासी होमगार्ड रतिराम कोरोना काल में चार जून 2020 को बाइक पर सवार होकर रात करीब सवा दस बजे गश्त कर रहे थे। डीलर वाली गली के मकान से महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। प्रकरण जानने के लिए दोनों मकान के अंदर पहुंचे, यहां दीपक और उसकी मां राजबाला के बीच झगड़ा चल रहा था। पुलिस को देखते ही दीपक हमलावर हो गया और रतिराम के पेट में छुरी मारकर मौके से भाग गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया।
आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने अगले दिन दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, बाद में उसे जमानत मिल गई थी। मेरठ में चार अक्तूबर 2020 को उपचार के दौरान होमगार्ड की मौत हो गई। मृतक के बेटे अर्जुन की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमले को हत्या की धाराओं में मामला तरमीम किया।
अलग-अलग दो आरोपपत्र दाखिल किए गए। दोनों पत्रावलियों की एक साथ सुनवाई हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में 25 जून को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ। बृहस्पतिवार को दोषी को मृत्युदंड और 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
फैसले का हर शब्द...विश्वास की पुनर्स्थापना : अदालत
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने फैसले में लिखा वर्दी केवल वस्त्र नहीं है, बल्कि संविधान में सौंपे गए उत्तरदायित्व का प्रतीक है। वर्दी पर हमला शासन को चुनौती देने का दुस्साहस है। जब कानून का रक्षक अपने कर्तव्य पथ पर प्राण न्यौछावर करता है, तब न्यायालय के निर्णय का प्रत्येक शब्द केवल मुकदमे का निर्णय नहीं होता है, बल्कि समाज के कानून पर विश्वास की पुनर्स्थापना भी होता है। समाज निश्चित होकर इसलिए सोता है, क्योंकि कोई प्रहरी जाग रहा होता है। प्रहरी की हत्या केवल एक जीवन का अंत नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सुरक्षा पर प्रहार है।
होमगार्ड रतिराम हत्याकांड में कब क्या हुआ
04 जून 2020 : होमगार्ड रतिराम के पेट में छुरी से हमला किया।
05 जून 2020 : पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया।
04 अक्तूबर 2020 : घायल रतिराम की अस्पताल में मौत।
13 अक्तूबर 2020 : जानलेवा हमले का आरोपपत्र।
05 नवंबर 2020 : न्यायालय में अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल।
07 नवंबर 2020 : अदालत ने आरोपपत्र सुपुर्दगी आदेश दिया।
19 दिसंबर 2020 : अभियुक्त पर आरोप तय हुए।
24 जून 2026 : अभियुक्त दीपक पर दोष सिद्ध।
02 जुलाई 2026 : दोषी दीपक को फांसी की सजा
यह दाखिल की गई रूलिंग
माछी सिंह बनाम पंजाब राज्य
बच्चन सिह बनाम पंजाब राज्य
निर्मल सिंह बनाम हरियाणा राज्य
धनंजय चटर्जी बनाम वेस्ट बंगाल
शंकर लाल बनाम तमिलनाडु
त्रिवेणी बेन बनाम गुजरात
मुकेश व अन्य बनाम दिल्ली
पुरुषोत्तम बनाम महाराष्ट राज्य
केस को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर की कोशिश
ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने केस को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर कराने का प्रयास किया। यही नहीं हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई लंबित है। फैसले में कहा कि न्यायालय को डराने के लिए अन्तरण प्रार्थनापत्र जैसे तरीकों का भी प्रयोग किया जाता है। अदालत ने कहा कि प्रकरण में सॉफ्ट जस्टिस से पुलिस संस्था में बहुत ही गलत संदेश जाएगा।