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Muzaffarnagar: चर्चित जान मोहम्मद हत्याकांड में पांच को आजीवन कारावास, 15 साल पहले मस्जिद में की गई थी हत्या

Thu, 17 Nov 2022 11:19 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 15 साल पहले मस्जिद में हुए चर्चित जान मोहम्म्द हत्याकांड में आज अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत में पांच हत्यारों पर बुधवार को ही दोष सिद्ध हो चुका था, जबकि एक आरोपी सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के ककरौली क्षेत्र के चर्चित जान मोहम्मद हत्याकांड में आज अदालत ने फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 15 साल पहले मस्जिद में जान मोहम्मद की हत्या कर दी गई थी। प्रधान के पति समेत पांच हत्यारों पर दोष सिद्ध हो चुका था। एक आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया था ।

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जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि दो जनवरी 2007 को ककरौली थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी फिरोजाबाद की मस्जिद में पुरानी रंजिश के चलते जान मोहम्मद की हत्या कर दी गई थी। वादी आबाद ने गांव के ही मुकर्रम, भूरा उर्फ मुदस्सिर, मनव्वर, जावेद, जहीर आलम, शैदा हसन और मुदस्सिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।

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प्रकरण की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई। बुधवार को अदालत ने गांव की वर्तमान प्रधान के पति भूरा उर्फ मुदस्सिर के अलावा मनव्वर, शैदा हसन, मुदस्सिर और जहीर आलम को धारा 302 के तहत दोषी सिद्ध किया था।

मामले में एक आरोपी जावेद को बरी कर दिया, जबकि अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 का आरोप सिद्ध नहीं कर सका। इन धाराओं में सभी को दोष मुक्त किया गया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त मुकर्रम की मौत हो गई थी। गुरुवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

यह था पूरा मामला
दो जनवरी 2007 को ककरौली थाने के गांव खेड़ी फिरोजाबाद में हमलावरों ने रंजिशन मस्जिद में घुसकर रायफल, तमंचों से गोली मारकर जान मोहम्मद को मौत के घाट उतार दिया था। घटना से बाद नमाजियों में भगदड़ मच गई थी। जिसमें वादी आबाद ने सात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

उधर, दूसरे पक्ष ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) में अदालत के आदेश पर क्रॉस केस दर्ज कराया था। जिसमें आठ आरोपियों को नामजद करते हुए प्रधानी की रंजिश में घटना किए जाने का आरोप लगा था।
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