प्रकरण की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई। बुधवार को अदालत ने गांव की वर्तमान प्रधान के पति भूरा उर्फ मुदस्सिर के अलावा मनव्वर, शैदा हसन, मुदस्सिर और जहीर आलम को धारा 302 के तहत दोषी सिद्ध किया था।
मामले में एक आरोपी जावेद को बरी कर दिया, जबकि अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 का आरोप सिद्ध नहीं कर सका। इन धाराओं में सभी को दोष मुक्त किया गया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियुक्त मुकर्रम की मौत हो गई थी। गुरुवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
यह था पूरा मामला
दो जनवरी 2007 को ककरौली थाने के गांव खेड़ी फिरोजाबाद में हमलावरों ने रंजिशन मस्जिद में घुसकर रायफल, तमंचों से गोली मारकर जान मोहम्मद को मौत के घाट उतार दिया था। घटना से बाद नमाजियों में भगदड़ मच गई थी। जिसमें वादी आबाद ने सात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
उधर, दूसरे पक्ष ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) में अदालत के आदेश पर क्रॉस केस दर्ज कराया था। जिसमें आठ आरोपियों को नामजद करते हुए प्रधानी की रंजिश में घटना किए जाने का आरोप लगा था।