नियत तिथि पर हाजिर नहीं होने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। वर्ष 2012 के रेल रोकने के लंबित मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला और पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित चार की तरफ से हाजरी माफी के लिए आवेदन पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने उसे खारिज करते हुए चारों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) सहित अन्य आरोपी बुधवार को अदालत में पेश हुए।