विनोद पुत्र सुरेश, सुशील पुत्र सुखबीर, राहुल पुत्र अजित, प्रताप पुत्र लखपत और ओमपाल पुत्र हृदयराम ने बताया कि उनके खिलाफ गांव की पार्टीबाजी के चलते पांच माह पूर्व फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें दो लोगों को जेल भी भेज दिया गया है। कहीं भी सुनवाई नहीं होने से उनके सामने धर्म परिवर्तन करने के अलावा कोई अन्य चारा नहीं रह गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में दो परिवारों के कुल 30 सदस्य हैं, जो सभी सोमवार को गांव में ही कार्यक्रम आयोजित कर मुस्लिम धर्म में आस्था व्यक्त करेंगे। एसपी देहात नेपाल सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। पुलिस से बात कर मामलेे का संज्ञान लेते हुए जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।