परिजनों की रजामंदी से किया निकाह
17 नवंबर को परिजनों की सहमति से दोनों ने सात समंदर पार विदेशी धरती पर निकाह कर लिया। गांव में परिचित और रिश्तेदार दोनों के भारत लौटने का इंतजार कर रहे थे। दुल्हा-दुल्हन लौटे तो गांव के एक मंडप में दावत-ए-वलीमा का आयोजन किया गया। हजारों लोगों ने वलीमा में लजीज व्यंजनों को स्वाद चखा और नवदंपती को दुआएं दीं।
दुल्हन की झलक पाने को आतुर दिखी महिलाएं
हाल ही में शोएब विदेशी दुल्हन को लेकर गांव पहुंचा था। दुल्हन की झलक पाने के लिए परिजन और ग्रामीण बेसब्री से आतुर थे। स्वदेश आने पर दो दिन पूर्व परिजनों ने मुस्लिम रीति-रिवाज से नवदंपती का खैरमकदम किया गया। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के साथ दावत-ए-वलीमा की रस्म पूरी की गई। गांव में मिले स्नेह से परिवार गदगद है।