जल बचाने में नॉर्थ जोन का सिरमौर बना मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर। जल शक्ति मंत्रालय ने तीसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020 घोषित कर दिए हैं। नार्थ जोन में मुजफ्फरनगर को पहला स्थान मिला है। जल बचाने के लिए किए गए कार्यों को पूरे उत्तर भारत में मॉडल माना गया है।
जल शक्ति मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुरस्कार घोषित कर दिए हैं। देश में बेस्ट स्टेट श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने प्रथम स्थान हासिल किया, दूसरे स्थान पर राजस्थान और तृतीय स्थान पर तमिलनाडु रहा है। मुख्य विकास अधिकारी आलोक यादव ने बताया कि नार्थ जोन के जिलो में मुजफ्फरनगर पहले स्थान पर रहा। पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर को दूसरा स्थान मिला है। सूची जारी होते ही जिले में खुशी का माहौल बन गया।
चार साल पहले शुरू किए गए थे पुरस्कार
नेशनल वाटर अवार्ड की शुरुआत जल शक्ति मंत्रालय ने 2018 में की थी। इन पुरस्कारों का उद्देश्य सर्वोत्तम जल संसाधन प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ाना है। 57 पुरस्कारों को 11 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें जिसमें बेस्ट स्टेट, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट, बेस्ट विलेज पंचायत, बेस्ट अर्बन लोकल बॉडी के अंतर्गत यह पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर के यह काम रहे सराहनीय
जिले में काली, हिंडन, नागिन नदियों का पुर्नोद्धार के कार्य मनरेगा से कराए गए। शॉकपिट, नेडफ, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों का जीर्णोंद्वार, वृक्षारोपण भी वृहद स्तर पर हुआ।
इन विभागों का रहा सहयोग
लघु सिंचाई, भूमि संरक्षण, पंचायती राज और ग्राम विकास विभाग ने जल संरक्षण के कार्य कराए। कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम हुए।
जिले के लिए गौरव की बात : बालियान
केंद्रीय पशुधन मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि जिले के लिए यह गौरव की बात है। अभियान को और अधिक आगे बढ़ाना है।
मुजफ्फरनगर को बड़ी कामयाबी : डीएम
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि जिले के लिए यह उपलब्धि है। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और आमजन के सहयोग से ही अवार्ड मिला।
रंग लाई विभागों की मेहनत : सीडीओ
सीडीओ आलोक यादव ने कहा कि विभिन्न विभागों की मेहनत और आमजन के सहयोग से ही जिले को यह बड़ी उपलब्धि मिली है।