कंपनी के प्रमोटर्स रुड़की के गांव जुनेद अंसारी निवासी ढंढेरा व गंगोह के मोहल्ला टाकान निवासी खालिद अंसारी ने लोगों को बताया था कि कंपनी जैविक भारत मिशन के साथ बेरोजगारी के मुद्दे पर काम करते हुए अपने साथ मिलकर व्यापार करने का मौका देती है। कंपनी जैविक भारत मिशन के अंतर्गत वर्मी कम्पोस्ट, (केंचुआ खाद) बनाती है।
किसान की जमीन पर केंचुआ खाद बनाने का प्लांट लगाती है। किसी व्यक्ति के पास जमीन नहीं है या फिर उसका बजट कम है तो कंपनी अपनी जमीन पर ही उसका वर्मी कंपोस्ट तैयार करती है। किसानों को कंपनी खाद बनाने का प्रशिक्षण भी देती है। अलग-अलग शहरों में कंपनी आर्गेनिक प्रोडक्ट्स के स्टोर भी खोलेगी।
किसान, नौकरीपेशा या व्यापारी अथवा कोई बेरोजगार, यदि एक लाख रुपये कंपनी में जमा करता है तो कंपनी प्रति माह के हिसाब से भुगतान करेगी। लोगों ने विश्वास कर अपना व परिचितों का पैसा जमा करा दिया।
कंपनी ने प्लांट लगाने के नाम पर धोखाधड़ी की है। इस मामले में एसपी क्राइम प्रशांत कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। ठगी के बाद से ही आरोपी फरार हैं। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि 24 लोगों से ठगी हुई है। पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।